फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Preparation of the student council at Allahabad University

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र परिषद के गठन का खाका तैयार

Mon, 08 Jul 2019 09:30 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2019 09:30 PM IST
विज्ञापन
Preparation of the student council at Allahabad University
इविवि में 64 कक्षा प्रतिनिधि चुनेंगे छात्र परिषद
विज्ञापन

0 छात्र परिषद में शीर्ष स्तर पर होंगे पांच केंद्रीय पदाधिकारी
0 बैलेट पेपर से संकायवार होगा कक्षा प्रतिनिधियों का चुनाव
0 कक्षा प्रतिनिधियों में अनिवार्य रूप से होंगी आधी महिलाएं
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में छात्र परिषद के शीर्ष पांच पदाधिकारियों का चुनाव 64 कक्षा प्रतिनिधि प्रत्यक्ष मतदान के माध्यम से करेंगे और इससे पूर्व कक्षा प्रतिनिधियों का चुनाव भी प्रत्यक्ष मतदान के तहत बैलेट पेपर के माध्यम से संकायवार किया जाएगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में छात्रसंघ की जगह छात्र परिषद का मॉडल लागू किए जाने से संबंधित खाका तैयार कर लिया गया है। डीन आर्ट्स प्रो. केएस मिश्र की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू को सौंप दी है।
छात्र परिषद में शीर्ष स्तर पर पांच केंद्रीय पदाधिकारी होंगे, जिनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव और सांस्कृतिक सचिव के पद शामिल हैं। छात्र परिषद चुनाव के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय को पांच इकाइयों में विभाजित किया गया है। इनमें कला संकाय, वाणिज्य संकाय, विज्ञान संकाय, विधि संकाय और आईपीएस एवं अन्य सेंटर को मिलाकर पांचवीं इकाई बनाई गई है। आम छात्रों के मतदान द्वारा इन्हीं पांच इकाइयों से प्रतिनिधि चुने जाएंगे और चुने गए प्रतिनिधि ही अपने बीच से केंद्रीय पदाधिकारियों का चुनाव करेंगे।
विज्ञापन

शोध स्तर पर पांचों इकाइयों से दो-दो शोध छात्र प्रतिनिधि आम छात्रों की ओर से प्रत्यक्ष मतदान के माध्यम से चुने जाएंगे। हर संकाय में अनिवार्य रूप से एक पुरुष एवं एक महिला प्रतिनिधि होगी। कुल 10 छात्र प्रतिनिधियों में पांच पुरुष एवं पांच महिलाएं होंगी। परास्नातक सतर पर पांचों संकायों प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर से दो-दो छात्र प्रतिनिधि चुने जाएंगे। कुल 20 छात्र प्रतिनिधि चुने जाएंगे और इनमें अनिवार्य रूप से 10 महिला प्रतिनिधि शामिल होंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्नातक स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष और जहां चतुर्थ एवं पंचम वर्षीय कोर्स हैं, वहा से एक पुरुष एवं एक महिला प्रतिनिधि का प्रत्यक्ष मतदान से चुनाव होगा। इस स्तर पर कुल 34 छात्र प्रतिनिधियों को चुना जाएंगे, जिनमें अनिवार्यत: आधी महिलाएं होंगी। स्नातक, परास्नातक एवं शोध स्तर पर आम छात्रों की ओर से प्रत्यक्ष मतदान के माध्यम से चुने गए प्रतिनिधि ही कक्षा रिप्रजेंटेटिव कहलाएंगे। कक्षा प्रतिनिधि ही अपने बीच से पांच केंद्रीय पदाधिकारी चुनेंगे।
कुछ सदस्य किए जाएंगे नामित
छात्र परिषद की केंद्रीय समिति में कुछ सदस्य नामित किए जाएंगे। केंद्रीय सांस्कृतिक समिति एक छात्र को नामित करेगी। साथ ही खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाला एक छात्र भी केंद्रीय समिति में नामित होगा। इसके अलावा ओबीसी, एससी, एसटी एवं अल्पसंख्यक वर्ग से भी प्रत्येक संकाय से स्नातक, परास्नातक एवं शोध स्तर पर एक-एक छात्र को नामित किया जाएगा।
चुनाव के लिए 75 फीसदी उपस्थित अनिवार्य
जिन उमीदवारों की उपस्थिति 75 फीसदी से कम होगी और जिन पर अतीत में आपराधिक मुकदमे होंगे, वे इस पूरी चुनाव प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे। साथ ही हर स्तर पर चुनाव में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों की उम्र सीमा लिंगदोह समिति की सिफारिश के अनुरूप होगी। लिंगदोह समिति ने स्नातक स्तर पर अधिकतम 22 वर्ष, परास्नातक स्तर पर 25 वर्ष एवं शोध स्तर पर अधिकतम 30 वर्ष की उम्र सीमा का सुझाव दिया है।
छात्र परिषद का अध्यक्ष करेगा बैठक का नेतृत्व
पदाधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता छात्र परिषद का अध्यक्ष करेगा। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष उसके कार्य एवं कर्तव्यों का निर्वहन करेगा। कार्य परिषद की बैठक बुलाने का अधिकार सचिव के पास होगा। सचिव की अनुपस्थिति में संयुक्त सचिव उसके सभी कार्य देखेगा। सांस्कृतिक सचिव महाविद्यालयों में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का कार्य करेगा।
अब ‘इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र परिषद’
समिति ने कुलपति को सौंपी अपनी रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वीकृत लिंगदोह समिति की सिफारिशों को अपनाने पर खास जोर दिया है । समिति ने छात्रसंघ की जगह ‘इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र परिषद’ का नाम सुझाया है। अब छात्र परिषद का ध्येय वाक्य ‘तमसो मा ज्योतिर्गमयश्’ होगा।
छात्र परिषद चुनाव का मॉडल ज्यादा व्यापक और पारदर्शी है। इसमें महिलाओं की आधी हिस्सेदारी होगी। साथ ही हर संकाय से प्रत्येक वर्ग को भी प्रतिनिधित्व का मौका मिलेगा। पूरी प्रक्रिया में लिंगदोह समिति की सिफारिशों का ध्यान रखा गया है। डॉ. चित्तरंजन कुमार सिंह, पीआरओ, इविवि

अब तक 25 हजार छात्र सीधे चुनते थे छात्रसंघ
इविवि के छात्रसंघ के चुनाव में प्रत्येक छात्र सीधे मतदान करता था। इविवि के 25 हजार छात्र-छात्राएं प्रत्यक्ष मतदान के माध्यम से सीधे छात्रसंघ के पदाधिकारियों का चुनाव करते थे, लेकिन छात्र परिषद में ऐसा नहीं होगा लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से छात्र परिषद के पदाधिकारियों के चुनाव में वे अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे। आम छात्र केवल कक्षा प्रतिनिधि के चुनाव में सीधे मतदान कर सकेंगे और आम छात्र छात्र की ओर चुने गए कक्षा प्रतिनिधि छात्र परिषद के पदाधिकारियों का चुनाव करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed