Mahakumbh 2025 : माघ मेले में परखी जाएगी महाकुंभ की तैयारी, ड्रोन से होगा भीड़ का आकलन
डीआरएम हिमांशु कुमार बडौनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि विभिन्न स्टेशनों की क्षमता के अनुरूप मूवमेंट प्लान को बनाया जाए। फील्ड में कार्यरत सभी टीमों को एक ही कमांड के तहत कार्य करना होगा।
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महाकुंभ को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारी रेलवे और जिला प्रशासन ने तेज कर दी है। समन्वय में जो भी अड़चने हैं उन्हें दूर करने के लिए बुधवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में हुई बैठक में तय किया गया कि अगले वर्ष माघ मेले में महाकुंभ की तैयारियों को परखा जाएगा।
साथ ही भीड़ आकलन के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल होगा।डीआरएम हिमांशु कुमार बडौनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि विभिन्न स्टेशनों की क्षमता के अनुरूप मूवमेंट प्लान को बनाया जाए। फील्ड में कार्यरत सभी टीमों को एक ही कमांड के तहत कार्य करना होगा। बैठक में जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने कहा कि कुंभ 2019 के अनुभव का लाभ कुंभ 2025 की तैयारियों में भी लिया जाए।
श्रद्धालुओं की संख्या के आकलन के लिए स्मार्ट सिटी के तहत लगाए गए कैमरों का प्रयोग किया जा सकता है। आईट्रिपलसी से पूरे मेला क्षेत्र में नजर रखी जा सकती है। डीएम ने कहा कि हमें शहर और स्टेशन के डिजास्टर मैनेजमेंट पर भी एक अलग से बैठक करनी चाहिए।
रेलवे और जिला प्रशासन की टीम का हुआ गठन
कुंभ की तैयारियों की बैठक में एडीआरएम संजय सिंह ने बताया कि समन्वय के लिए उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर रेलवे एवं पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों की टीम का गठन हो गया है। इस दौरान पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से रेल प्रशासन एवं जिला प्रशासन द्वारा गठित संयुक्त टीम को कुंभ मेला की तैयारियों में किन किन बिंदुओं पर विशेष ध्यान देना है, इस बारे में विस्तार से बताया गया। प्रेजेंटेशन के माध्यम से उन्होंने नई तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटीलेजेंस, मोबाइल एप एवं ड्रोन कैमरा का उपयोग भीड़ का अनुमान लगाने एवं भीड़ नियंत्रण के लिए सुझाव दिए।
संयुक्त टीम का रहेगा यह काम
जिला प्रशासन और रेलवे की संयुक्त टीम मेले की आवश्यकताओं/मूवमेंट प्लान के अनुसार स्टेशनों की अप्रोच रोड में सुधार, अवैध कब्जों को हटाना, जंक्शन प्वाइंटों पर अवरोध, रेलवे स्टेशनों की क्षमता, स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं की पर्याप्तता, सिविल एरिया में एवं स्टेशन परिसर में सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता, पानी, टॉयलेट आदि की वर्तमान में उपलब्धता, फायर फाइटिंग, आपदा प्रबंधन उपाय इत्यादि का आकलन कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट बनाएंगी। ताकि जो कमियां हैं उसे समय रहते दूर किया जा सके।