फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   premature flood hazard

प्रयागराज में गंगा में प्रवाह बढ़ा, समय से पहले बाढ़ का खतरा   

Fri, 19 Jun 2020 12:36 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 19 Jun 2020 12:36 AM IST
विज्ञापन
premature flood hazard
prayagraj news - फोटो : prayagraj

समय से मानसून की दस्तक के साथ ही गंगा के जल स्तर में वृद्धि शुरू हो गई है। दो दिन के भीतर गंगा में 37 सेंटीमीटर जल स्तर बढ़ गया है। इससे संगम नोज समेत गंगा -यमुना केघाटों से लोग खिसकने लगे हैं। इस बार समय से बारिश की उम्मीद को देखते हुए बाढ़ से निबटने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।

विज्ञापन


बृहस्पतिवार को सिंचाई बाढ़ खंड के अभियंताओं ने बांधों के स्ल्यूज दुरुस्त करने के साथ ही घाटों पर कटान रोकने के लिए बालू की बोरियों की पैकिंग आरंभ करा दी। बृहस्पतिवार को गंगा में बहाव भी तेज हो गया। दूसरे इलाकों से जलकुंभी की बड़ी मात्रा में खेप भी गंगा के प्रवाह केसाथ प्रयागराज पहुंचने लगी है।

विज्ञापन

premature flood hazard
prayagraj news - फोटो : prayagraj

रामघाट, काली घाट, नागवासुकी, श्मशान घाट, महावीर घाट, अक्षयवट घाट व संगमनोज के दोनों किनारे जलकुंभी से पट गए हैं। जलकुंभी लगने से स्नानार्थियों व पुरोहितों को तटों पर डुबकी लगाने में दिक्कतें आने लगी हैं। बृहस्पतिवार को छतनाग के पास गंगा का जलस्तर 72.44 मीटर रिकार्ड किया गया।

जबकि दो दिन पहले 16 जून को इस घाट जलस्तर 72. 07 मीटर था। प्रवाह बढ़ने से जलस्तर में तेजी आने की बात कही जा रही है। सिंचाई बाढ़खंड के एक्सईएन ब्रजेश कुमार सिंह ने बांधों के स्ल्यूज गेज का निरीक्षण करने के साथ ही उनकी मरम्मत शुरू कराने का निर्देश दिया, ताकि समय रहते फाटक दुरुस्त किए जा सकें।

premature flood hazard
prayagraj news - फोटो : prayagraj
उन्होंने बताया कि इस बार समय से मानसून आने की वजह से बाढ़ से निबटने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गंगा -यमुना के घाटों के अलावा बांधों के तटबंधों की मॉनीटरिंग कराई जा रही है। कटान रोकने के लिए बालू की बोरियों को भरने का काम शुरू कर दिया गया है।

पानी बढ़ने के साथ ही घाटों से तीर्थपुरोहितों के तख्त और झंडे समेटने की तैयारी कर ली गई है। तीर्थपुरोहित राजमणि तिवारी और रमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि तीन दिन से लगातार पानी बढ़ रहा है। इस वजह से चिंता बढ़ गई है। 
 
बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित, 97 बाढ़ चौकियां 
बारिश शुरू होने और गंगा के जलस्तर में तेजी आने के साथ ही सिंचाई विभाग के बाढ़खंड़ ने सतर्कता बढ़ा दी है। संगम स्थित बेनी बांध पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिया गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से गंगा -यमुना पर बने बांधों से जल प्रवाह की स्थितियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि समय आने पर जरूरी कदम उठाए जा सकें। जिले में 97 बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed