Prayagraj junction: सजावटी और औषधीय पौधों से होगा रेल यात्रियों को स्वागत
एनसीआर की बात करें तो यहां प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, इटावा, टूंडला, अलीगढ़, खुर्जा, मथुरा जंक्शन, आगरा कैंट, धौलपुर, ग्वालियर, झांसी, ललितपुर, मिर्जापुर, उरई, विंध्याचल, मानिकपुर, बांदा आदि रेलवे स्टेशनों के रेलवे ट्रैक के किनारे एवं स्टेशनों के रास्ते में पड़ने वाले खुले स्थानों पर कम ऊंचाई वाले पौधे लगाए जाएंगे।
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यूरोप के तमाम देशों की तर्ज पर अब प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल आदि रेलवे स्टेशनों के यार्ड में गंदगी की बजाय अब यात्रियों का स्वागत हरे भरे पेड़ों से होगा। इतना ही नहीं सफर के दौरान रेलवे ट्रैक किनारे पड़ी गंदगी की बजाय मुसाफिरों को सजावटी एवं औषधीय पौधे ही देखने को मिलेंगे। इस संबंध में रेलवे बोर्ड द्वारा उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) समेत सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को पत्र जारी कर रेलवे ट्रैक के किनारे एवं स्टेशन के पहले यार्ड के खाली स्थानों पर पौधों के माध्यम से सौंदर्यीकरण किए जाने का निर्देश दिया गया है।
एनसीआर की बात करें तो यहां प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, इटावा, टूंडला, अलीगढ़, खुर्जा, मथुरा जंक्शन, आगरा कैंट, धौलपुर, ग्वालियर, झांसी, ललितपुर, मिर्जापुर, उरई, विंध्याचल, मानिकपुर, बांदा आदि रेलवे स्टेशनों के रेलवे ट्रैक के किनारे एवं स्टेशनों के रास्ते में पड़ने वाले खुले स्थानों पर कम ऊंचाई वाले पौधे लगाए जाएंगे। इसी मानसून औषधीय एवं अन्य सजावटी पौधे लगाने का काम रेलवे द्वारा शुरू कर दिया जाएगा।
इस कार्य में गैर सरकारी संगठनों, ट्रस्ट, सरकारी निकाय एवं स्वयं सहायता समूह की भी मदद ली जाएगी। रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर एल एंड ए चंद्रशेखर ने इस संबंध में एनसीआर जीएम प्रमोद कुमार को गाइड लाइन भेज दी है। गाइड लाइन मिलने के बाद एनसीआर ने इस संबंध में अपनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। मुख्यालय स्तर से सीनियर डीईएन कोआर्डिनेशन को इसका नोडल अफसर भी प्रयागराज, आगरा एवं झांसी मंडल के लिए बनाया गया है।
कम ऊंचाई वाले पौधे ही लगाने की तैयारी
हरियाली बढ़ाने के साथ रेेलवे इस बात का भी ध्यान रखेगा कि जो पौधे यार्ड और रेलवे ट्रैक के किनारे लगाए जाएंगे , उनकी ज्यादा ऊंचाई न हो। क्योंकि इससे ट्रेन चालक एवं गार्ड को सिगनल देखने में दिक्कत हो सकती है। इस वजह से कम ऊंचाई वाले औषधीय एवं सजावटी पौधे ही ट्रैक किनारे लगाए जाएंगे।
संबंधित संस्था ही करेगी पौधों का संरक्षण
पौधे लगाने वाली संस्था को ही उसके संरक्षण की जिम्मेदारी रेलवे द्वारा दी जाएगी। पार्टी अधिकतम दस वर्ग फुट क्षेत्र (अस्थायी) पर अच्छे उद्योग अभ्यास के अनुसार प्रासंगिक विवरण के साथ अपना नाम प्रदर्शित कर सकती है। पार्टी को विज्ञापन/प्रचार के लिए कोई अतिरिक्त स्थान/सुविधा नहीं दी जाएगी। हालांकि पौधों के संरक्षण एवं उसकी सिंचाई के लिए रेलवे भी अपना पूरा सहयोग देगा।
रेलवे बोर्ड की यह एक अच्छी पहल है। एनसीआर में भी इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसी मानसून पौधे लगाए जाने की कार्रवाई हो सकती है। - डा. शिवम शर्मा, सीपीआरओ, एनसीआर।