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प्रयागराजः कुंभ खत्म होने के साथ गंगा की स्वच्छता भी गुम
Sun, 17 Mar 2019 12:36 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 17 Mar 2019 12:36 AM IST
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- फोटो : प्रयागराज
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लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। टिकट के साथ हार जीत के दावे भी शुरू हो गए हैं। ऐसे में ‘अमर उजाला’ की डिजिटल टीम ने शनिवार को प्रयागराज के लोगों के नब्ज टटोले। जिले के विभिन्न हिस्सों में पहुंची टीम के समक्ष आम मतदाताओं, युवाओं, महिलाओं ने विचार रखे। लोगों ने रोजगार, महंगाई के साथ विकास, कुंभ, सर्जिकल स्ट्राइल आदि मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने सरकार की खामियां तो भाजपा के नेताओं ने उपलब्धियां गिनाईं।
एंग्लो बंगाली इंटर कालेज में आयोजित लाइव शो में लोगों का खासा उत्साह दिखा। सपा के जिला प्रवक्ता दान बहादुर मधुर का कहना था, बेरोजगारी, नौजवानों की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भाजपा ने कुछ नहीं किया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और डेलीगेसी के छात्र परेशान हैं। आत्महत्या तक कर ले रहे हैं लेकिन सरकार मौन है। कांग्रेस के प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय का कहना था कि कुंभ की जिस तरह से ब्रांडिंग की जा रही है वह गलत है। हर बार कुंभ होता है लेकिन राजनीति उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि कुंभ के बाद पांच मार्च को ही 32 नाले सीधे गंगा में गिरने लगे। तमाम सवालों के बीच भाजपा के जिला उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने कुंभ और स्मार्ट सिटी को लेकर हुए विकास कार्यों, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया आदि योजनाओं और उनकी सफलता पर चर्चा की। हालांकि, इस दौरान उन्हें विरोध भी झेलना पड़ा। नोटबंदी, कालाधन वापस लाने जैसे मुद्दों को लेकर भी सपा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेरा तो भाजपा नेता ने इन फैसलों को देश के विकास के लिए जरूरी और बड़ा कदम बताया। गंगा कितनी साफ हुई के सवाल पर मतदाताओं के अलग-अलग मत थे। वहीं एक युवक ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया।
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भाजपा नेता से सवाल था कि सरकारी स्कूलों के अध्यापक 60 से 70 हजार रुपये वेतन पाते हैं लेकिन पढ़ाई की हालत बदतर है। इस पर भाजपा नेता आशीष का कहना था कि यूपी पहले नकल का गढ़ था लेकिन अब हालात सुधरे हैं। टीम के सदस्यों ने सिविल लाइंस के सरदार पटेल मार्ग आदि स्थानों पर भी ‘महासंग्राम-2019’ पर लोगों से बात की। संवाद कार्यक्रम में संतलाल वर्मा, मानिक चंद्र पटेल, युवराज पटेल, दिनेश यादव, फुजैल हाशमी, इरशाद उल्ला, सादाब अहमद, अतुल सिंह, पवन श्रीवास्तव, मृंत्युजय तिवारी, अखिलेश्वर, अतुल केशरवानी, सुरेंद्र श्रीवास्तव, सचिव विश्वकर्मा, सूर्यकांत, जय सिंह यादव, हिमांशु कुमार, शक्ति सिंह यादव, दीपक यादव आदि ने अपनी बात रखी।
अमर उजाला की डिजिटल टीम के समक्ष पुरानी पेंशन की मांग का मुद्दा भी जोर शोर से उठा। अटेवा के डॉ.हरिप्रकाश, उपेंद्र वर्मा आदि ने नेताओं के सामने पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई और साथ ही उनका पक्ष जानना चाहा। उनका कहना था कि जो भी दल उनकी मांग का समर्थन करेेगा वे उसी के साथ हाेंगे। भाजपा नेता का कहना था कि प्रदेश सरकार ने अटेवा के प्रतिनिधियों से वार्ता के बाद पीएफ में अंशदान बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया है।
युवाओं के सामने सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार का है। अमर उजाला डिजिटल के संवाद कार्यक्रम में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा। युवाओं का कहना था कि आखिर प्रयागराज में उद्योग कब आएगा। उन्होंने राजनीतिक दलों के बड़े-बड़े दावों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सरकारों की उपेक्षा की वजह से यहां के पुराने उद्योग भी दम तोड़ रहे हैं। उन्होंने पकौड़ा बेचने समेत अन्य बयानों को लेकर भाजपा के साथ अन्य दलों को भी घेरा।
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एंग्लो बंगाली इंटर कालेज में आयोजित लाइव शो में लोगों का खासा उत्साह दिखा। सपा के जिला प्रवक्ता दान बहादुर मधुर का कहना था, बेरोजगारी, नौजवानों की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भाजपा ने कुछ नहीं किया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और डेलीगेसी के छात्र परेशान हैं। आत्महत्या तक कर ले रहे हैं लेकिन सरकार मौन है। कांग्रेस के प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय का कहना था कि कुंभ की जिस तरह से ब्रांडिंग की जा रही है वह गलत है। हर बार कुंभ होता है लेकिन राजनीति उचित नहीं है।
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उन्होंने कहा कि कुंभ के बाद पांच मार्च को ही 32 नाले सीधे गंगा में गिरने लगे। तमाम सवालों के बीच भाजपा के जिला उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने कुंभ और स्मार्ट सिटी को लेकर हुए विकास कार्यों, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया आदि योजनाओं और उनकी सफलता पर चर्चा की। हालांकि, इस दौरान उन्हें विरोध भी झेलना पड़ा। नोटबंदी, कालाधन वापस लाने जैसे मुद्दों को लेकर भी सपा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेरा तो भाजपा नेता ने इन फैसलों को देश के विकास के लिए जरूरी और बड़ा कदम बताया। गंगा कितनी साफ हुई के सवाल पर मतदाताओं के अलग-अलग मत थे। वहीं एक युवक ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया।
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भाजपा नेता से सवाल था कि सरकारी स्कूलों के अध्यापक 60 से 70 हजार रुपये वेतन पाते हैं लेकिन पढ़ाई की हालत बदतर है। इस पर भाजपा नेता आशीष का कहना था कि यूपी पहले नकल का गढ़ था लेकिन अब हालात सुधरे हैं। टीम के सदस्यों ने सिविल लाइंस के सरदार पटेल मार्ग आदि स्थानों पर भी ‘महासंग्राम-2019’ पर लोगों से बात की। संवाद कार्यक्रम में संतलाल वर्मा, मानिक चंद्र पटेल, युवराज पटेल, दिनेश यादव, फुजैल हाशमी, इरशाद उल्ला, सादाब अहमद, अतुल सिंह, पवन श्रीवास्तव, मृंत्युजय तिवारी, अखिलेश्वर, अतुल केशरवानी, सुरेंद्र श्रीवास्तव, सचिव विश्वकर्मा, सूर्यकांत, जय सिंह यादव, हिमांशु कुमार, शक्ति सिंह यादव, दीपक यादव आदि ने अपनी बात रखी।
अमर उजाला की डिजिटल टीम के समक्ष पुरानी पेंशन की मांग का मुद्दा भी जोर शोर से उठा। अटेवा के डॉ.हरिप्रकाश, उपेंद्र वर्मा आदि ने नेताओं के सामने पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई और साथ ही उनका पक्ष जानना चाहा। उनका कहना था कि जो भी दल उनकी मांग का समर्थन करेेगा वे उसी के साथ हाेंगे। भाजपा नेता का कहना था कि प्रदेश सरकार ने अटेवा के प्रतिनिधियों से वार्ता के बाद पीएफ में अंशदान बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया है।
युवाओं के सामने सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार का है। अमर उजाला डिजिटल के संवाद कार्यक्रम में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा। युवाओं का कहना था कि आखिर प्रयागराज में उद्योग कब आएगा। उन्होंने राजनीतिक दलों के बड़े-बड़े दावों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सरकारों की उपेक्षा की वजह से यहां के पुराने उद्योग भी दम तोड़ रहे हैं। उन्होंने पकौड़ा बेचने समेत अन्य बयानों को लेकर भाजपा के साथ अन्य दलों को भी घेरा।