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prayagraj violence : प्रयागराज हिंसा के मास्टर माइंड जावेद पंप का घर ढहाने के मामले की सुनवाई सोमवार को

Sun, 26 Jun 2022 02:03 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 26 Jun 2022 02:03 AM IST
सार

याचिका में परवीन ने अवैध तरीके से उसका मकान तोड़ने की शिकायत की है। साथ ही दोबारा मकान बनने तक रहने के लिए सरकारी आवास मुहैया कराने की मांग की है। परवीन फातिमा ने कहा है कि जिस मकान को बुल्डोजर से ध्वस्त कर दिया गया, वह उसके नाम पर है, न कि उसके शौहर के नाम पर।

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Prayagraj violence: Hearing on Monday in the case of demolishing the house of Javed Pump, the master mind of Prayagraj violence
Prayagraj News : जावेद पंप का मकान गिराता बुलडोजर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रयागराज के अटाला में 10 जून को जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल के मुख्य आरोपी जावेद मोहम्मद पंप का मकान ढहाने के मामले में सोमवार को सुनवाई होगी। न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति विक्त्रस्म डी चौहान की खंडपीठ सुनवाई करेगी। याचिका जावेद की पत्नी परवीन फातिमा ने दाखिल की है।

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याचिका में परवीन ने अवैध तरीके से उसका मकान तोड़ने की शिकायत की है। साथ ही दोबारा मकान बनने तक रहने के लिए सरकारी आवास मुहैया कराने की मांग की है। परवीन फातिमा ने कहा है कि जिस मकान को बुल्डोजर से ध्वस्त कर दिया गया, वह उसके नाम पर है, न कि उसके शौहर के नाम पर। यह मकान याची को उसके पिता से उपहार में मिला था। नगर निगम व राजस्व दस्तावेजों में याची का ही नाम दर्ज है। जबकि जुमे की नमाज के बाद वाली घटना के बाद उसे और उसकी बेटी को पुलिस महिला थाने उठा ले गई।
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पुलिस गई और नोटिस चस्पा कर चली आई। उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी भी नहीं हुई। 12 जून को मकान ध्वस्त कर दिया गया। इन सब घटनाओं की सही और प्रापर तरीके से उन्हें और उनके परिवार को जानकारी तक नहीं हो सकी। नोटिस भी उसके पति के नाम दिया गया और याची को अपील दाखिल करने या पक्ष रखने का कोई मौका दिए बगैर मकान ध्वस्त कर दिया गया।

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ध्वस्तीकरण से पहले नहीं दिया गया कोई नोटिस

याचिका में कहा गया है कि 10 जून की पत्थरबाजी व तोड़फोड़ की घटना के बाद उसी रात पुलिस ने उसके शौहर जावेद मोहम्मद पंप को थाने बुलाया और अवैध रूप से गिरफ्तार कर लिया। यही नहीं, देर रात महिला थाने की पुलिस याची व उसकी बेटी को भी थाने ले गई। तीन दिन तक दोनों को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। याचिका में कहा गया है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने से पूर्व न तो याची को कोई नोटिस दिया गया और न कोई जानकारी।


रविवार के दिन बड़ी संख्या में पुलिस और पीडीए के अधिकारी व कर्मचारी उसके घर पर दो बुलडोजर लेकर पहुंचे और पूरा मकान ढहा दिया। याची को अपील दाखिल करने के लिए जरूरी 30 दिन की मोहलत भी नहीं दी गई। कहा गया है कि पुलिस की कार्रवाई अवैधानिक और नैसर्गिक न्याय के विपरीत है तथा अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। याचिका में कहा गया है कि याची के पास अब रहने के लिए कोई घर नहीं है। वह परिवार के साथ रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर है।


याचिका में न्यायालय से ग्रीष्मावकाश के दौरान ही इस मामले में सुनवाई का अनुरोध किया गया है। हालांकि, परवीन फातिमा की ओर से दाखिल याचिका में मकान का कोई नक्शा दाखिल नहीं किया गया है। जिसकी स्वीकृति तत्कालीन इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (अब प्रयागराज विकास प्राधिकरण) की ओर से होनी चाहिए। फिलहाल कोर्ट ने मामले कि सुनवाई के लिए सोमवार की तारीख तय की है।

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