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Prayagraj : फाफामऊ घाट पर रेत में दबे तीन और शव बाहर निकले
Wed, 16 Jun 2021 11:52 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 16 Jun 2021 11:52 PM IST
सार
- नगर निगम प्रशासन ने हिंदू रीति से कराया अंतिम संस्कार, जोनल अधिकारी ने
- दी मुखाग्नि, रेत से निकलने वाले शवों की संख्या बढ़कर पहुंची 24
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prayagraj news : गंगा में फिर दो शव मिले।
- फोटो : prayagraj
विस्तार
फाफामऊ घाट पर गंगा में कटान से कोरोना काल में रेत में दफनाए गए शवों के निकलने का सिलसिला जारी है। बुधवार को इस घाट पर रेत से तीन और शवों के बाहर आने की जानकारी मिलने के बाद नगर निगम प्रशासन की परेशानी बढ़ गई। पखवारे भर से चिताएं लगवाने में पसीना बहा रहे नगर निगम के अमले को इस दिन फिर कर्मकांड, श्राद्ध के साथ शवों का अंतिम संस्कार कराना पड़ा। इसी के साथ अब तक इस घाट पर रेत से निकले कुल 24 शवों का अंतिम संस्कार कराया जा चुका है।
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prayagraj news : गंगा में मिले शव का अंतिम संस्कार करते नगर निगम के कर्मचारी।
- फोटो : prayagraj
गंगा में जलस्तर बढ़ने और फिर बारिश होने के बाद से पखवारे भर से फाफामऊ घाट पर रेत से शव बाहर देखे जा रहे हैं। गंगा में ये शव बहने न पाए, इसलिए नगर निगम की ओर से पहरेदारी की जा रही है और ऐसे शवों का विधिवत अंतिम संस्कार कराया जा रहा है। बुधवार को इस घाट पर रेत से तीन और शवों के बाहर आने की जानकारी मिली। सूचना मिलने के बाद नगर निगम फाफामऊ जोन के जोनल अधिकारी नीरज कुमार सिंह कर्मियों और मजदूरों के साथ मौके पर पहुंच गए। लकड़ी और कफन, रामनामी मंगाने के बाद हिंदू रीति से तीनों शवों की चिताएं लगाई गईं।
इस दिन भी जोनल अधिकारी ने शवों को मुखाग्नि दी। कहा जा रहा है कि गंगा में कटान का दायरा बढऩे से कोरोना काल के रेत में दबाए गए शव एक-एक कर बाहर आ रहे हैं। कटान की वजह से रेत हटती जा रही है और शव बाहर गंगा की धारा में लटकते जा रहे हैं। निगम के अफसरों का कहना है कि घाट पर कटान का दायरा जिस तरह से बढ़ रहा है, उससे और भी शव बाहर आ सकते हैं। इसलिए कि करीब पांच सौ मीटर किमी दायरे में शवों को जहां-तहां दबा कर छोड़ दिया गया है। लगातार शवों के बाहर आने से नगर निगम प्रशासन की चिंता में इजाफा हो रहा है। सबसे बड़ी चुनौती गंगा में शवों को बहने से रोकने की है। कहा जा रहा है कि रात को अगर कटान से शव गंगा में बहकर दूसरे इलाकों में पहुंचे तो फजीहत बड़ सकती है। इसलिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
इस दिन भी जोनल अधिकारी ने शवों को मुखाग्नि दी। कहा जा रहा है कि गंगा में कटान का दायरा बढऩे से कोरोना काल के रेत में दबाए गए शव एक-एक कर बाहर आ रहे हैं। कटान की वजह से रेत हटती जा रही है और शव बाहर गंगा की धारा में लटकते जा रहे हैं। निगम के अफसरों का कहना है कि घाट पर कटान का दायरा जिस तरह से बढ़ रहा है, उससे और भी शव बाहर आ सकते हैं। इसलिए कि करीब पांच सौ मीटर किमी दायरे में शवों को जहां-तहां दबा कर छोड़ दिया गया है। लगातार शवों के बाहर आने से नगर निगम प्रशासन की चिंता में इजाफा हो रहा है। सबसे बड़ी चुनौती गंगा में शवों को बहने से रोकने की है। कहा जा रहा है कि रात को अगर कटान से शव गंगा में बहकर दूसरे इलाकों में पहुंचे तो फजीहत बड़ सकती है। इसलिए निगरानी बढ़ा दी गई है।