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प्रयागराज : युवती की हत्या में शंकरगढ़ के हेमचंद्र की जमानत अर्जी खारिज
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युवक की हत्या में जमानत अर्जी खारिज
प्रयागराज। जिला अदालत ने युवक की हत्या के आरोप में शंकरगढ़ थाने के हेमचंद्र केसरवानी उर्फ हेमराज जादूगर की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए याची को जमानत पर छोड़े जाने से इनकार कर दिया। यह आदेश जिला जज नलिन कुमार श्रीवास्तव ने जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि को सुनकर दिया है।
अभियोजन के मुताबिक अशोक कुमार शुक्ला ने 14 अक्तूबर 2021 को शंकरगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक सुशील कुमार पांडेय ने उसके भतीजे प्रीपेश शुक्ला को देवी जागरण केबहाने बुलाया और जागरण के बाद उसी के घर में सो गया। सुबह सूचना मिली कि प्रीपेश की तबीयत खराब है। आरोप है कि याची ने सह अभियुक्त के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। उसे कोल्डड्रिंक्स में कीटनाशक दवा मिलाकर दे दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वह निर्दोष है। घटना से उसका कोई लेना-देना नहीं है। वह अपने माता-पिता की मृत्यु के बाद अपने मामा के घर चला गया। जबकि, सरकारी अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया। कहा कि वादी केपुत्र की हत्या याची के द्वारा की गई है। तथ्यों, परिस्थितियों के अनुसार प्रथम दृष्टया याची की संलिप्तता प्रतीत हो रही है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
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प्रयागराज। जिला अदालत ने युवक की हत्या के आरोप में शंकरगढ़ थाने के हेमचंद्र केसरवानी उर्फ हेमराज जादूगर की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए याची को जमानत पर छोड़े जाने से इनकार कर दिया। यह आदेश जिला जज नलिन कुमार श्रीवास्तव ने जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि को सुनकर दिया है।
अभियोजन के मुताबिक अशोक कुमार शुक्ला ने 14 अक्तूबर 2021 को शंकरगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक सुशील कुमार पांडेय ने उसके भतीजे प्रीपेश शुक्ला को देवी जागरण केबहाने बुलाया और जागरण के बाद उसी के घर में सो गया। सुबह सूचना मिली कि प्रीपेश की तबीयत खराब है। आरोप है कि याची ने सह अभियुक्त के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। उसे कोल्डड्रिंक्स में कीटनाशक दवा मिलाकर दे दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
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याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वह निर्दोष है। घटना से उसका कोई लेना-देना नहीं है। वह अपने माता-पिता की मृत्यु के बाद अपने मामा के घर चला गया। जबकि, सरकारी अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया। कहा कि वादी केपुत्र की हत्या याची के द्वारा की गई है। तथ्यों, परिस्थितियों के अनुसार प्रथम दृष्टया याची की संलिप्तता प्रतीत हो रही है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
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