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प्रयागराजः कुंभ के बिजली कार्यों में गड़बड़ी पर दर्जन भर अभियंताओं पर गाज गिरने के संकेत
Sat, 18 Jul 2020 01:41 AM IST
विनोद सिंह
news desk अमर उजाला प्रयागराज
news desk अमर उजाला प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 18 Jul 2020 01:41 AM IST
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- फोटो : पेक्सेल्स
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कुंभ के बिजली कार्यों में कई तकनीकी पहलुओं की अनदेखी की आशंका जताई गई है। इससे जहां धन का दुरुपयोग हुआ, वहीं कई फर्में मालामाल भी हुईं। इस मामले की जांच में कुंभ सर्किल के दर्जन भर से अधिक अभियंताओं पर गाज गिरने के संकेत मिले हैं।
कुंभ के बिजली कार्यों की जांच में औसत से अधिक उपकरणों की खरीद का मामला भी सामने आया है।
एचटी-एलटी लाइनों के केबिल, खंभों के अलावा अन्य उपकरणों की खरीद में भी गड़बड़ी का अंदेशा है। बिजली विभाग के एक उच्च पदस्थ अफसर ने नाम न छापने के आग्रह पर बताया कि नियमानुसार किसी भी उपकरण की खरीद पर यूपीपीसीएल या फिर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का लोगो लगाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
कुंभ के लिए खरीदे गए खंभे, केबल से लेकर किसी भी उपकरण पर लोगो नहीं लगाया गया था। साथ की फैक्ट्रियों से बिजली उपकरण सीधे कुंभ स्थल यानी साइट पर मंगाए गए थे, लेकिन कागज पर उन उपकरणों को पहले स्टोर में पहुंचाए जाने की बात कही गई है। कहा जा रहा है कि कुंभ के लिए खरीदे गए उपकरणों का भंडारण स्टोर में जगह न होने की वजह से संभव नहीं था।
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ऐसे में बिजली उपकरण सीधे कुंभ स्थल पर ही मंगाए गए थे, लेकिन स्टोर से कुंभ के सेक्टरवाइज इलाकों में खंभे, केबल और ट्रांसफारमर पहुंचाने के नाम पर माल भाड़ा के रूप में भी हेराफेरी की गई। इस मामले में अस्थाई रूप से गठित तत्कालीन कुंभ सर्किल के कई अफसरों पर गाज गिरने के संकेत मिले हैं। उल्लेखनीय है कुंभ सर्किल में तैनात रहे कई अफसरों का दूसरे जोन में तबादला भी किया जा चुका है, लेकिन अब उनके जानकारी जुटाने की तैयारी है। इस मामले में एसई के अलावा दो एक्सईएन व चार से अधिक एसडीओ और अवर अभियंता पर गाज गिरने के संकेत मिले हैं।
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कुंभ के बिजली कार्यों की जांच में औसत से अधिक उपकरणों की खरीद का मामला भी सामने आया है।
एचटी-एलटी लाइनों के केबिल, खंभों के अलावा अन्य उपकरणों की खरीद में भी गड़बड़ी का अंदेशा है। बिजली विभाग के एक उच्च पदस्थ अफसर ने नाम न छापने के आग्रह पर बताया कि नियमानुसार किसी भी उपकरण की खरीद पर यूपीपीसीएल या फिर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का लोगो लगाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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कुंभ के लिए खरीदे गए खंभे, केबल से लेकर किसी भी उपकरण पर लोगो नहीं लगाया गया था। साथ की फैक्ट्रियों से बिजली उपकरण सीधे कुंभ स्थल यानी साइट पर मंगाए गए थे, लेकिन कागज पर उन उपकरणों को पहले स्टोर में पहुंचाए जाने की बात कही गई है। कहा जा रहा है कि कुंभ के लिए खरीदे गए उपकरणों का भंडारण स्टोर में जगह न होने की वजह से संभव नहीं था।
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ऐसे में बिजली उपकरण सीधे कुंभ स्थल पर ही मंगाए गए थे, लेकिन स्टोर से कुंभ के सेक्टरवाइज इलाकों में खंभे, केबल और ट्रांसफारमर पहुंचाने के नाम पर माल भाड़ा के रूप में भी हेराफेरी की गई। इस मामले में अस्थाई रूप से गठित तत्कालीन कुंभ सर्किल के कई अफसरों पर गाज गिरने के संकेत मिले हैं। उल्लेखनीय है कुंभ सर्किल में तैनात रहे कई अफसरों का दूसरे जोन में तबादला भी किया जा चुका है, लेकिन अब उनके जानकारी जुटाने की तैयारी है। इस मामले में एसई के अलावा दो एक्सईएन व चार से अधिक एसडीओ और अवर अभियंता पर गाज गिरने के संकेत मिले हैं।