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बुलेट ट्रेन के रूट में शामिल किया जाए प्रयागराज
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Prayagraj should be included in the route of bullet train
बुलेट ट्रेन के रूट में प्रयागराज की अनदेखी
0 कुंभ का सफल आयोजन भी नहीं खींच सका बुलेट ट्रेन
0 संसद में मामला उठाएंगी केशरी देवी, रेलमंत्री से मिलेंगे रेवतीरमण
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। बुलेट ट्रेन के संभावित रूट में प्रयागराज की अनदेखी कर दी गई है। रेलवे बोर्ड द्वारा बुलेट ट्रेन के छह नए कॉरिडोर में प्रयागराज को शामिल नहीं किया गया है। जबकि दिल्ली-हावड़ा रूट का प्रयागराज (इलाहाबाद जंक्शन) प्रमुख पड़ाव है। प्रदेश का महत्वपूर्ण शहर होने के बावजूद प्रयागराज को बुलेट ट्रेन के रूट में शामिल न करने की वजह से तमाम लोग आश्चर्यचकित हैं, जबकि पिछले वर्ष चर्चा चल रही थी कि कुंभ के सफल आयोजन के बाद बेहतर कनेक्टिविटी के लिए आने वाले दिनों में प्रयागराज बुलेट ट्रेन के रूट में शामिल होगा। रेल राज्यमंत्री रहने के दौरान प्रयागराज में आयोजित एक कार्यक्रम में मनोज सिन्हा ने भी इस बात के संकेत दिए थे।
दरअसल, बुधवार को ही रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने बुलेट ट्रेन के छह मार्ग चिह्नित करने की बात कही। इसमें 865 किलोमीटर लंबा दिल्ली-नोएडा-आगरा-लखनऊ-वाराणसी सेक्शन भी शामिल है। इस सेक्शन में प्रयागराज को शामिल नही किया गया। जबकि प्रयागराज धर्म और आध्यात्मिक नगरी तो है ही साथ ही हाईकोर्ट, कई विश्वविद्यालय, तकनीकी संस्थान एवं प्रदेश के तमाम मुख्यालय इसी शहर में है। रेलवे के एनसीआर जोन और केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन का मुख्यालय होने की वजह से प्रयागराज रेल मैप में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रयागराज की उपेक्षा से नाराज राज्यसभा सदस्य रेवती रमण सिंह ने यह मामला रेलमंत्री पीयूष गोयल के समक्ष उठाने की बात कही है। उनके मीडिया प्रभारी विनय कुशवाहा ने कहा कि एक दो रोज में मुलाकात संभव है। वहीं दूसरी ओर फूलपुर सांसद केशरी देवी पटेल ने प्रयागराज को बुलेट ट्रेन के संभावित रूट में शामिल करवाने के लिए संसद सत्र में यह मुद्दा उठाने की बात कही है।
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0 कुंभ का सफल आयोजन भी नहीं खींच सका बुलेट ट्रेन
0 संसद में मामला उठाएंगी केशरी देवी, रेलमंत्री से मिलेंगे रेवतीरमण
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। बुलेट ट्रेन के संभावित रूट में प्रयागराज की अनदेखी कर दी गई है। रेलवे बोर्ड द्वारा बुलेट ट्रेन के छह नए कॉरिडोर में प्रयागराज को शामिल नहीं किया गया है। जबकि दिल्ली-हावड़ा रूट का प्रयागराज (इलाहाबाद जंक्शन) प्रमुख पड़ाव है। प्रदेश का महत्वपूर्ण शहर होने के बावजूद प्रयागराज को बुलेट ट्रेन के रूट में शामिल न करने की वजह से तमाम लोग आश्चर्यचकित हैं, जबकि पिछले वर्ष चर्चा चल रही थी कि कुंभ के सफल आयोजन के बाद बेहतर कनेक्टिविटी के लिए आने वाले दिनों में प्रयागराज बुलेट ट्रेन के रूट में शामिल होगा। रेल राज्यमंत्री रहने के दौरान प्रयागराज में आयोजित एक कार्यक्रम में मनोज सिन्हा ने भी इस बात के संकेत दिए थे।
दरअसल, बुधवार को ही रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने बुलेट ट्रेन के छह मार्ग चिह्नित करने की बात कही। इसमें 865 किलोमीटर लंबा दिल्ली-नोएडा-आगरा-लखनऊ-वाराणसी सेक्शन भी शामिल है। इस सेक्शन में प्रयागराज को शामिल नही किया गया। जबकि प्रयागराज धर्म और आध्यात्मिक नगरी तो है ही साथ ही हाईकोर्ट, कई विश्वविद्यालय, तकनीकी संस्थान एवं प्रदेश के तमाम मुख्यालय इसी शहर में है। रेलवे के एनसीआर जोन और केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन का मुख्यालय होने की वजह से प्रयागराज रेल मैप में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रयागराज की उपेक्षा से नाराज राज्यसभा सदस्य रेवती रमण सिंह ने यह मामला रेलमंत्री पीयूष गोयल के समक्ष उठाने की बात कही है। उनके मीडिया प्रभारी विनय कुशवाहा ने कहा कि एक दो रोज में मुलाकात संभव है। वहीं दूसरी ओर फूलपुर सांसद केशरी देवी पटेल ने प्रयागराज को बुलेट ट्रेन के संभावित रूट में शामिल करवाने के लिए संसद सत्र में यह मुद्दा उठाने की बात कही है।
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