प्रयागराज : दो दिन में सामान्य से सात गुना अधिक बारिश, जनजीवन प्रभावित, फसलें बर्बाद, रविवार को मौसम हुआ साफ
पश्चिमी बंगाल के तटीय क्षेत्र से उठे चक्रवात का काफी असर जिले में खूब देखने को मिला है। मात्र दो दिनों के भीतर जिले में सामान्य से सात गुना अधिक बारिश दर्ज की गई।
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पश्चिमी बंगाल के तटीय क्षेत्र से उठे चक्रवात का काफी असर जिले में खूब देखने को मिला है। मात्र दो दिनों के भीतर जिले में सामान्य से सात गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। जिसकी वजह से आम जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। धान की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है। प्रयागराज में शुक्रवार सुबह आठ बजे से शनिवार सुबह आठ बजे तक 14.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जो कि सामान्य 2.2 मिमी से सात गुना अधिक है। इसके अलावा इन दो दिनों में करीब 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चली हैं। रविवार को मौसम साफ हुआ और धूप भी खिली। इससे लोगों ने राहत की सांस ली।
मौसम में आए अचानक के बदलाव से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को जहां दिन और रात के तापमान में एक डिग्री सेल्सियस का अंतर देखने को मिला। वहीं, शनिवार को यह अंतर 1.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जिसकी वजह से तेज रफ्तार से चल रही हवाएं सर्द हो गई। ऐसे में लोगों को अपने यहां के कूलर व एसी बंद करने पड़ गए।
इस बीच मौसम विभाग ने रविवार से मौसम के सामान्य होने की संभावना जताई है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र राय ने बताया कि शुक्रवार व शनिवार की अपेक्षा चक्रवात का प्रभाव घटेगा। जिसके चलते हवाओं की रफ्तार भी मंद होगी और बारिश की बौछारें भी कम होंगी। इसके अलावा सोमवार से मौसम सामान्य रहेगा।
फसलों को हुआ नुकसान
तेज हवाओं के साथ बारिश की वजह से धान की बालियां टूट कर गिर गई। कोरांव, मेजा, सोरांव, बारा, फूलपुर में सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र राय ने बताया कि मिट्टी दलदल होने व तेज हवाओं की वजह से बाली टूटने की संभावना रहती है।
30 सितंबर को विदा हो जाएगा मानसून
इस साल 15 दिन की देरी से शुरू हुए मानसून की विदाई अपने निर्धारित समय यानि 30 सितंबर को होने जा रही है। अगर देखा जाए तो वर्ष जनपद में जमकर बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के आधार पर एक जुलाई से 24 सितंबर तक कुल 939.5 मिली मीटर बारिश हुई है। जो कि सामान्य 709 मिलीमीटर से 32 फीसदी अधिक है।