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प्रयागराज : शहरियों को राहत, नैनी-झूंसी के लोगों की फजीहत
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शहरियों को राहत, नैनी-झूंसी के लोगों की फजीहत
प्रयागराज। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर लागू किया गया ट्रैफिक डायवर्जन शहरियों के लिए तो राहत भरा रहा। लेकिन नैनी व झूंसी के लोगों की जमकर फजीहत हुई। डायवर्जन के चलते झूंसी से शहर आने वालों को सहसों से फाफामऊ होकर आना पड़ा तो नैनी से नए पुल होकर शहर आने वालों को पुराने यमुना पुल से होकर कई किमी का चक्कर काटना पड़ा। उधर कार्यक्रम खत्म होेने के बाद परेड ग्राउंड से बसें निकालने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए।
कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए ही ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया था। यह व्यवस्था शहरियों के लिए तो कारगर साबित हुई लेकिन नैनी व झूंसी से शहर आने वालों के लिए मुसीबत भरा रहा। दरअसल डायवर्जन व्यवस्था के तहत नैनी व शास्त्री पुल पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। इसके चलते नैनी से आने वालों को पुराने पुल से होकर शहर आना पड़ा। उधर शहर की ओर आने के लिए झूंसी के लोगों को अंदावा-सहसों-फाफामऊ होकर आना पड़ा और कुछ मिनटों का सफर घंटों में तय करना पड़ा। इसके चलते लोगों की फजीहत हुई और कई जगहों पर उनकी पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई।
चोक हो र्गईं परेड क्षेत्र की सड़कें
कार्यक्रम खत्म होने के बाद वापसी के लिए बसें निकलीं तो परेड क्षेत्र की सड़कें चोक हो गईं। हाल यह रहा कि वहां से दोपहिया ही नहीं पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। पुलिसकर्मियों के साथ ही पैरामिलिट्री के जवान भी बसों को निकालने में लगे रहे। स्थिति यह थी कि परेड मैदान से निकलकर जीटी रोड तक आने में ही बसों को काफी समय लग गया। अलोपीबाग से लेक र अंदावा तक बसों का काफिला ही नजर आ रहा था।
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सुबह सोहबतियाबाग से जीटी जवाहर तक लगा जाम
इससे पहले सुबह लाभार्थी महिलाओं को लेकर आने वाली बसें कार्यक्रम स्थल की ओर जाने के लिए निकलीं तो चौतरफा जाम लग गया। जैसे जैसे कार्यक्रम शुरू होने की घड़ी नजदीक आ रही थी, जाम और भी लंबा होता जा रहा था। सोहबतियाबाग से जीटी जवाहर तक का रास्ता लगभग ब्लॉक हो गया। उधर झूंसी की ओर से भी लगातार बसों के आने के चलते रास्ता चोक हो गया था। हाल यह हुआ कि पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की गाड़ियां भी जाम में फंस गई। इसकी जानकारी मिलने पर डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी खुद जीटी जवाहर चौराहे पर पहुंचे और बसों को निकलवाया। तब जाकर करीब आधे घंटे बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
शास्त्री पुल पर लगा जाम, एडीजी पहुंचे मौके पर
ज्यादा संख्या को देखते हुए शास्त्री पुल की दोनों लेन से बसों को निकालने के दौरान कुछ देर के लिए पुल जाम हो गया। दरअसल डायवर्जन व्यवस्था के तहत वाराणसी की ओर से आने वाले वाहनों को तो अंदावा से डायवर्ट कर दिया जा रहा था और यह व्यवस्था बेहद कारगर भी रही। लेकिन स्थानीय कस्बे से निकलने वाले दोपहिया वाहनों के आने से पुल पर एकबारगी जाम की स्थिति बन गई। इससे दोनों ओर बसों की कतार लग गई। जिसकी जानकारी मिलते ही एडीजी जोन प्रेमप्रकाश, कमिश्नर संजय गोयल, डीएम संजय खत्री और डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी समेत तमाम अफसर पहुंच गए और फिर जाम खुलवाया।
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प्रयागराज। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर लागू किया गया ट्रैफिक डायवर्जन शहरियों के लिए तो राहत भरा रहा। लेकिन नैनी व झूंसी के लोगों की जमकर फजीहत हुई। डायवर्जन के चलते झूंसी से शहर आने वालों को सहसों से फाफामऊ होकर आना पड़ा तो नैनी से नए पुल होकर शहर आने वालों को पुराने यमुना पुल से होकर कई किमी का चक्कर काटना पड़ा। उधर कार्यक्रम खत्म होेने के बाद परेड ग्राउंड से बसें निकालने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए।
कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए ही ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया था। यह व्यवस्था शहरियों के लिए तो कारगर साबित हुई लेकिन नैनी व झूंसी से शहर आने वालों के लिए मुसीबत भरा रहा। दरअसल डायवर्जन व्यवस्था के तहत नैनी व शास्त्री पुल पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। इसके चलते नैनी से आने वालों को पुराने पुल से होकर शहर आना पड़ा। उधर शहर की ओर आने के लिए झूंसी के लोगों को अंदावा-सहसों-फाफामऊ होकर आना पड़ा और कुछ मिनटों का सफर घंटों में तय करना पड़ा। इसके चलते लोगों की फजीहत हुई और कई जगहों पर उनकी पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई।
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चोक हो र्गईं परेड क्षेत्र की सड़कें
कार्यक्रम खत्म होने के बाद वापसी के लिए बसें निकलीं तो परेड क्षेत्र की सड़कें चोक हो गईं। हाल यह रहा कि वहां से दोपहिया ही नहीं पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। पुलिसकर्मियों के साथ ही पैरामिलिट्री के जवान भी बसों को निकालने में लगे रहे। स्थिति यह थी कि परेड मैदान से निकलकर जीटी रोड तक आने में ही बसों को काफी समय लग गया। अलोपीबाग से लेक र अंदावा तक बसों का काफिला ही नजर आ रहा था।
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सुबह सोहबतियाबाग से जीटी जवाहर तक लगा जाम
इससे पहले सुबह लाभार्थी महिलाओं को लेकर आने वाली बसें कार्यक्रम स्थल की ओर जाने के लिए निकलीं तो चौतरफा जाम लग गया। जैसे जैसे कार्यक्रम शुरू होने की घड़ी नजदीक आ रही थी, जाम और भी लंबा होता जा रहा था। सोहबतियाबाग से जीटी जवाहर तक का रास्ता लगभग ब्लॉक हो गया। उधर झूंसी की ओर से भी लगातार बसों के आने के चलते रास्ता चोक हो गया था। हाल यह हुआ कि पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की गाड़ियां भी जाम में फंस गई। इसकी जानकारी मिलने पर डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी खुद जीटी जवाहर चौराहे पर पहुंचे और बसों को निकलवाया। तब जाकर करीब आधे घंटे बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
शास्त्री पुल पर लगा जाम, एडीजी पहुंचे मौके पर
ज्यादा संख्या को देखते हुए शास्त्री पुल की दोनों लेन से बसों को निकालने के दौरान कुछ देर के लिए पुल जाम हो गया। दरअसल डायवर्जन व्यवस्था के तहत वाराणसी की ओर से आने वाले वाहनों को तो अंदावा से डायवर्ट कर दिया जा रहा था और यह व्यवस्था बेहद कारगर भी रही। लेकिन स्थानीय कस्बे से निकलने वाले दोपहिया वाहनों के आने से पुल पर एकबारगी जाम की स्थिति बन गई। इससे दोनों ओर बसों की कतार लग गई। जिसकी जानकारी मिलते ही एडीजी जोन प्रेमप्रकाश, कमिश्नर संजय गोयल, डीएम संजय खत्री और डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी समेत तमाम अफसर पहुंच गए और फिर जाम खुलवाया।