Prayagraj : 1500 बाढ़ पीड़ितों को राशन किट, पांच मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख का मुआवजा
औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने रविवार को ब्वॉयज हाईस्कूल में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित की।
विस्तार
औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने रविवार को ब्वॉयज हाईस्कूल में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित की। इस मौके पर 1,500 बाढ़ पीड़ित परिवारों को राशन किट दी गई और तालाबों व अन्य स्थानों पर डूबने से मृत 5 लोगों के परिजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से 4-4 लाख रुपये के डेमो चेक सौंपे गए।
कार्यक्रम में मंत्री नंदी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बाढ़ की विकराल स्थिति को देखते हुए मंत्रियों की एक टीम गठित की। उन्होंने 3 अगस्त को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था और राहत कार्यों की समीक्षा की थी। मंत्री ने जिला प्रशासन, सिविल डिफेंस, मीडिया, व्यापार मंडल, मेडिकल एसोसिएशन, पेट्रोल पंप एसोसिएशन और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग की सराहना की। उन्होंने आश्वस्त किया कि जरूरत पड़ने पर आगे भी राशन किट का वितरण जारी रहेगा।
बाढ़ से प्रभावित फसलों और मकानों का आकलन कर मुआवजा दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को पीएचसी-सीएचसी पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम में भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, कई जनप्रतिनिधि, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनीता सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी कुंवर पंकज, सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार सिंह, एसडीएम सदर अभिषेक सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
अब तक 9100 किट का वितरण
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि अब तक जिले में 9,100 राशन किट वितरित की जा चुकी हैं। शहरी क्षेत्र के 54 मोहल्लों में 42,521 और ग्रामीण क्षेत्रों के 69 गांवों में 39,500 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए थे। शहर में 21 और ग्रामीण इलाकों में 4 राहत शिविरों सहित कुल 25 शरणालय स्थापित किए गए, जहां बाढ़ के दौरान 10,004 लोगों ने शरण ली। शरणार्थियों को 1,49,920 लंच पैकेट, 2,99,240 लीटर पानी, 4,686 ओआरएस और 6,831 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गईं। राशन किट में आटा, चावल, दाल, चना, तेल, मसाले, नमक, बिस्कुट, आलू, तिरपाल, बाल्टी, साबुन, माचिस, मोमबत्ती, सैनिटरी पैड, कपड़ा, तौलिया, लाई, डिस्पोजेबल बैग, डेटॉल / सेवलॉन जैसी आवश्यक वस्तुएं है।
बचाव कार्य और राहत शिविर
बाढ़ से निपटने के लिए 88 बाढ़ चौकियां, 87 मेडिकल शिविर, 78 पशु शिविर स्थापित किए गए। एनडीआरएफ ने 2,447 और एसडीआरएफ ने 723 लोगों को सुरक्षित निकाला। पशु शिविरों में 1,007 पशुओं का इलाज, 6,850 का टीकाकरण और 989 क्विंटल भूसा वितरित किया गया। मेडिकल शिविरों में 3,161 लोगों का उपचार हुआ और दवाएं, ओआरएस व क्लोरीन टैबलेट दी गईं।