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UP: 17 घंटे अंधेरे में डूबे 100 गांव, बिजली-पानी के लिए तरसे लोग, धान की रोपाई भी ठप; दिनभर परेशान रहे

Tue, 14 Jul 2026 03:20 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: Sharukh Khan Updated Tue, 14 Jul 2026 03:20 PM IST
सार

प्रयागराज के फूलपुर में 17 घंटे 100 गांव अंधेरे में डूबे रहे।  उपभोक्ता बिजली-पानी के लिए तरस गए। 33 केवी लाइन में फॉल्ट के बाद दिनभर लोग परेशान रहे। धान की रोपाई भी ठप हो गई।

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Prayagraj Power Outage Electricity Cut Leaves Villages Struggling for Water UP News in Hindi
फाइल फोटो

विस्तार

प्रयागराज के फूलपुर में 33/11 केवी उपकेंद्र बरेस्ता-प्रतापपुर से जुड़े करीब 100 गांवों के लोगों के लिए सोमवार का दिन बेहद मुश्किलों भरा रहा। उमस भरी गर्मी और सूखे खेतों के बीच किसानों का पूरा दिन बिजली के इंतजार में ही बीता।
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सोमवार तड़के करीब चार बजे 220 केवी उपकेंद्र महावीरन से आने वाली 33 हजार वोल्ट की लाइन में ढोकरी गांव के सामने कंडक्टर वायर के टूटकर गिरने से बसना, सोरों, प्रतापपुर और बरेस्ता फीडर की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इसका असर करीब 9500 उपभोक्ताओं पर पड़ा, जिन्हें करीब 17 घंटे तक बिजली और पानी संकट का सामना करना पड़ा।
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दिन चढ़ने के साथ उमस बढ़ती गई और लोगों के घरों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए। बिजली न आने से पानी की मोटर बंद हो गई, जिससे लोगों को पीने के पानी तक के लिए परेशान होना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि भोर में फॉल्ट होने के बावजूद शटडाउन देर से लिया गया, जिससे मरम्मत कार्य भी विलंब से शुरू हो सका। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्यवाही होती तो बिजली कटौती से बचा जा सकता था।
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सबसे अधिक परेशानी किसानों को उठानी पड़ी। बारिश नहीं होने से पहले ही खेत सूखे पड़े हैं। सोमवार सुबह किसान धान की नर्सरी से बेहन उखाड़कर खेतों तक ले गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि बिजली आते ही सिंचाई कर रोपाई शुरू कर देंगे, लेकिन दिनभर बिजली का इंतजार ही करते रह गए। शाम तक भी आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी, जिससे धान की रोपाई का काम ठप रहा। किसानों का कहना है कि एक-एक दिन की देरी से फसल प्रभावित हो रही है और लागत लगातार बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि लंबे समय तक बिजली न रहने से छोटे कारोबार, दुकानों और घरेलू कामकाज पर भी असर पड़ा। गर्मी और उमस के बीच बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक कठिनाई झेलनी पड़ी।

33 केवी लाइन में आई खराबी को दूर किया गया। दोपहर बाद आपूर्ति चालू करने का प्रयास किया गया, तो उपकेंद्र की केबल फुंक गया। उसे दुरुस्त करने के बाद शाम करीब सात बजे उपकेंद्र की सीटी में खराबी आ गई। बाईपास व्यवस्था के जरिए जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया गया।- अविनाश कुमार, अवर अभियंता, बिजली उपकेंद्र बरेस्ता-प्रतापपुर।
 
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