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प्रयागराज पुलिस ने भेजी रिपोर्ट : ईडी, आयकर विभाग भी करेगा अतीक की बेशकीमती बेनामी संपत्ति की जांच

Tue, 16 Apr 2024 02:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 16 Apr 2024 02:12 PM IST
सार

माफिया अतीक अहमद और अशरफ की संपत्ति कुर्क किए जाने के छह महीने की अवधि बीतने के बाद भी कोई अपील न होने पर पिछले दिनों ही पुलिस आयुक्त न्यायालय से मामला गैंगस्टर कोर्ट में भेज दिया गया था। अब कमिश्नरेट पुलिस ने इस संपत्ति के संबंध में एक रिपोर्ट ईडी एसटीएफ और आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई(बीपीयू) को भेज दी है।

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Prayagraj Police sent report: ED, Income Tax Department will also investigate Atik's valuable benami property.
अतीक अहमद-अशरफ। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

माफिया अतीक अहमद की बेशकीमती बेनामी संपत्ति की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) और आयकर विभाग भी करेगा। प्रयागराज पुलिस की ओर से इसकी रिपोर्ट ईडी और आयकर अफसरों को भेजी गई है। राजमिस्त्री के नाम पर बनाई गई यह संपत्ति गौसपुर कटहुला में स्थित है, जिसे गैंगस्टर के तहत पिछले साल कुर्क किया जा चुका है।

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12.42 करोड़ की इस संपत्ति को अपराध से अर्जित माना गया और फिर पुलिस आयुक्त न्यायालय के आदेश पर इसे कुर्क किया गया था। इस बेनामी संपत्ति का खुलासा तब हुआ था, जब लिखापढ़ी में इसके मालिक लालापुर निवासी हूबलाल ने पुलिस न्यायालय के समक्ष पहुंचकर यह जानकारी दी कि अतीक ने जबरन उसके नाम पर यह जमीन लिखाई थी। साथ ही यह भी कहा था कि जब वह कहेगा तो हूबलाल को उसके नाम पर जमीन लिखनी होगी।
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संपत्ति कुर्क किए जाने के छह महीने की अवधि बीतने के बाद भी कोई अपील न होने पर पिछले दिनों ही पुलिस आयुक्त न्यायालय से मामला गैंगस्टर कोर्ट में भेज दिया गया था। अब कमिश्नरेट पुलिस ने इस संपत्ति के संबंध में एक रिपोर्ट ईडी एसटीएफ और आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई(बीपीयू) को भेज दी है।

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2021 से चल रहा है मनी लॉन्ड्रिंग का केस

ईडी ने 2021 में अतीक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। जांच के दौरान ही अतीक व उसकी पत्नी की तीन करोड़ की संपत्तियां भी जब्त की थी। उमेश पाल हत्याकांड के बाद अप्रैल में ईडी ने अतीक के करीबी बिल्डरों, मददगारों व चार्टर्ड अकाउंटेंट के ठिकानों पर छापा मारकर भारी मात्रा में नकदी व अन्य सामान बरामद भी किया था।


मामले की जांच ईडी के सब जोनल कार्यालय प्रयागराज की टीम कर रही थी। पिछले साल नवंबर में यह मामला दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय की एसटीएफ को ट्रांसफर कर दिया गया था। इसकी वजह आधिकारिक रूप से तो सामने नहीं आई। हालांकि, चर्चा थी कि अतीक के कुछ करीबी बिल्डरों ने भ्रष्टाचार की शिकायत की थी।

ईडी ऐसेे करेगी जांच

-ईडी एसटीएफ की ओर से पहले इस संपत्ति का पूरा विवरण निकाला जाएगा।

-संपत्ति के मौजूदा मालिक को बुलाकर पूछताछ व बयान दर्ज किया जाएगा।

-इस मामले में बैनामे में रहे गवाहों का भी बयान दर्ज किया जाएगा।

- जांच में यह पाया जाता है कि संपत्ति अपराध से अर्जित की गई तो इसे अस्थायी तौर पर अटैच करने की कार्रवाई की जाएगी।

आयकर विभाग इसकी करेगा पड़ताल

-बेनामी निषेध इकाई पहले संपत्ति का पूरा विवरण एकत्र करेगी।

-संपत्ति के लिए भुगतान करने वाले व्यक्ति की जानकारी जुटाएगी।

-भुगतान कैसे किया गया।

-नोटिस जारी कर वर्तमान मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

-जरूरत पड़ने पर आईओ 90 दिनों के लिए बेनामी संपत्ति को जब्त भी कर सकता है।

मामला अपराध से अर्जित आय से संपत्ति बनाने व बेनामी संपत्ति का है। गौसपुर कटहुला में स्थित 12.42 करोड़ की इस संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट में कुर्क किया गया है। साथ ही इसके संबंध में रिपोर्ट ईडी एसटीएफ व डीसी, बेनामी निषेध इकाई, आयकर विभाग को भी भेजी गई है। - दीपक भूकर, डीसीपी नगर

 

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