Prayagraj Police : क्राइम सीन से कोर्ट तक, हर सबूत संभालेगी हाईटेक फोरेंसिक वैन
अपराध की हर परत खोलने और वैज्ञानिक तरीके से जांच को पुख्ता करने के लिए जनपदीय पुलिस को बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से तीन दिन पहले हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई हाईटेक फोरेंसिक वैन प्रयागराज पहुंच चुकी है।
विस्तार
अपराध की हर परत खोलने और वैज्ञानिक तरीके से जांच को पुख्ता करने के लिए जनपदीय पुलिस को बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से तीन दिन पहले हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई हाईटेक फोरेंसिक वैन प्रयागराज पहुंच चुकी है। इस वैन के जरिये पुलिस को घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में न केवल आसानी होगी बल्कि अपराधियों तक पहुंचने का रास्ता भी तेजी से खुलेगा।
मोबाइल लैब की तरह करेगी काम
अफसरों का कहना है कि यह फोरेंसिक वैन दरअसल मोबाइल लैब की तरह काम करेगी। अपराध स्थल पर पहुंचकर मौके पर ही सबूतों को सुरक्षित करने, उनका प्रारंभिक परीक्षण करने और उन्हें वैज्ञानिक तरीके से सील करने की सुविधा वैन में मौजूद रहेगी। अब तक जहां टीमों को नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में भेजने पड़ते थे, वहीं नई वैन में कई मामलों में मौके पर ही टेस्टिंग की सुविधा मिल सकेगी।
ये टूल होंगे मौजूद
- फिंगरप्रिंट लिफ्टिंग किट : दीवार, दरवाजे या हथियार की सतहों से स्पष्ट निशान उठाने के लिए।
- डीएनए सैंपलिंग टूल्स : खून, बाल, लार या ऊतक के नमूने संरक्षित करने के लिए।
- साइबर फोरेंसिक डिवाइस : मोबाइल, लैपटॉप, सीसीटीवी और डिजिटल गैजेट से डाटा रिकवरी की सुविधा।
- फोटोग्राफी और वीडियो डॉक्यूमेंटेशन सेटअप : घटनास्थल की हाई-रेजॉल्यूशन तस्वीरें व थ्री डी डॉक्यूमेंटेशन।
- सॉयल और टॉक्सिकोलॉजी किट : मिट्टी, जहरीले पदार्थ, रसायन या नशे के सैंपल का संरक्षण।
- ब्लड स्पॉट डिटेक्टर और अल्ट्रावॉयलेट स्कैनर : अदृश्य रक्त के धब्बे व अन्य जैविक साक्ष्यों की पहचान।
पुलिस को मिलेगी बड़ी मदद
फोरेंसिक वैन के इस्तेमाल से चोरी, लूट, हत्या, दुष्कर्म जैसे मामलों की जांच ज्यादा सटीक और वैज्ञानिक ढंग से हो सकेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल पर सबूतों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। कई बार देरी होने पर साक्ष्य नष्ट हो जाते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
हाईटेक फोरेंसिक वैन की उपलब्धता से तकनीकी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से साक्ष्य संकलन विवेचना और सुदृढ़ होगी। आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने और न्यायालय में आरोप सिद्ध करने में विवेचनाधिकारी अधिक सक्षम होंगे। इससे अपराधियों को सजा दिलाने की सफलता दर बढ़ेगी और पुलिस की जांच पर लोगों का भरोसा और गहरा होगा। - डॉ. अजयपाल शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था)