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प्रयागराज : हिंदू राष्ट्र के मुद्दे पर साधु-संत आज गरमाएंगे सियासत
Sat, 29 Jan 2022 12:12 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jan 2022 12:12 AM IST
सार
सेक्टर-दो स्थित महावीर मार्ग पर ब्रह्मर्षि आश्रम के शिविर में संत सम्मेलन दिन के 12 बजे आरंभ होगा। इसके लिए धर्म संसद के आयोजक मंडल के सदस्य दो दिन से संपर्क अभियान में जुटे हैं। इस सम्मेलन के संयोजक स्वामी आनंद स्वरूप ने महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, दामोदर दास समेत कई संतों को न्यौता दिया है।
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धर्म संसद
- फोटो : धर्म संसद
विस्तार
माघ मेले में संगम की रेती पर शनिवार को हिंदू राष्ट्र के निर्माण और सनातन संस्कृति की रक्षा के एजेंडे पर संतों की सियासत गरमाएगी। मौका होगा संत सम्मेलन का। इस सम्मेलन की सफलता के लिए शुक्रवार को शिविरों में महामंडलेश्वरों, पीठाधीश्वरों से संपर्क कर भारत को पुन: विश्व गुरु बनाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। इस सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती हिस्सा लेंगे।
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सेक्टर-दो स्थित महावीर मार्ग पर ब्रह्मर्षि आश्रम के शिविर में संत सम्मेलन दिन के 12 बजे आरंभ होगा। इसके लिए धर्म संसद के आयोजक मंडल के सदस्य दो दिन से संपर्क अभियान में जुटे हैं। इस सम्मेलन के संयोजक स्वामी आनंद स्वरूप ने महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, दामोदर दास समेत कई संतों को न्यौता दिया है।
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जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यंतींद्रानंद गिरि इस सम्मेलन की अध्यक्षता करने के लिए माघ मेला पहुंच गए हैं। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में संत सम्मेलन के एजेंडे का जिक्र किया। बताया कि इस सम्मेलन में अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक के फर्क मिटाने पर चर्चा होगी।
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सनातन हिंदू संस्कृति के अनुरूप शासन व्यववस्था संचालित हो, इस पर मंथन किया जाएगा। संत सम्मेलन में राष्ट्र और धर्म की वास्तविक स्थिति पर विस्तार से रोशनी डाली जाएगी। इस सम्मेलन के संयोजक स्वामी आनंद स्वरूप ने बताया कि हिंदू राष्ट्र के निर्माण में संतों की भूमिका तय करने पर मंथन किया जाएगा।
संपूर्ण विश्व में मानवता की रक्षा के लिए अब संतों को आगे आना होगा। संत समाज को तय करना होगा कि कैसे भारत पुन: विश्व गुरु बनेगा । इस सम्मले में महामंडलेश्वर प्रबोधानंद, अमृतानंद समेत कई संत हिससा लेंगे। संचालन समिति के सदस्य स्वामी सागर सिंधुराज, स्वामी ताड़केशरण,गोविंद पांडेय, राघव ठकराल समेत कई संतों-भक्तों ने इसके लिए संपर्क अभियान चलाया।