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Prayagraj: 15 अगस्त को 155 वर्ष का हो जाएगा 4300 टन का नैनी ब्रिज
Thu, 16 Jul 2020 01:02 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 16 Jul 2020 01:02 AM IST
सार
- रेलवे का दावा है कि 14 पिलर पर बना यह पुल आज भी उतना ही मजबूत है जितना वह सौ वर्ष पहले था।
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prayagraj news: Naini Bridge
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
दिल्ली-हावड़ा रूट को जोड़ने वाले प्रयागराज स्थित नैनी यमुना ब्रिज इस बार 15 अगस्त को 155 वर्ष को हो जाएगा। रेलवे का दावा है कि 14 पिलर पर बना यह पुल आज भी उतना ही मजबूत है जितना वह सौ वर्ष पहले था। रेलवे अफसर बताते हैँ कि इस पुल के निर्माण में 30 लाख क्यूसिक ईंट एवं गारा का प्रयोग हुआ है। इसका वजन 4300 टन है। पीआरओ सुनील गुप्ता बताते हैं कि पुल जब बना तब इसके निर्माण की लागत 44.46 लाख रुपये आई थी।
वर्ष 1913 में इसे डबल लाइन में बदला गया। जबकि 1928-29 में पुराने गार्डर के स्थान पर नए गार्डर लगाए । वर्ष 2007 में लकड़ी के स्लीपर के स्थान पर स्टील चैनल को लगाया गया। उन्होंने बताया कि 1978 में आई बाढ़ के दौरान भी पुल पर निर्बाध रूप से आवागमन जारी रहा। लॉक डाउन के पूर्व इस पुल से हर रोज 210 मेल एक्सप्रेस एवं मालगाड़ियों का आवागमन होता रहा। कुंभ के दौरानपुल को एलईडी लाइट एवं फसाड लाइटिंग से सजाया गया था। 1859 में पुल का निर्माण शुरू किया गया जो 15 अगस्त 1865 में खोला गया।
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वर्ष 1913 में इसे डबल लाइन में बदला गया। जबकि 1928-29 में पुराने गार्डर के स्थान पर नए गार्डर लगाए । वर्ष 2007 में लकड़ी के स्लीपर के स्थान पर स्टील चैनल को लगाया गया। उन्होंने बताया कि 1978 में आई बाढ़ के दौरान भी पुल पर निर्बाध रूप से आवागमन जारी रहा। लॉक डाउन के पूर्व इस पुल से हर रोज 210 मेल एक्सप्रेस एवं मालगाड़ियों का आवागमन होता रहा। कुंभ के दौरानपुल को एलईडी लाइट एवं फसाड लाइटिंग से सजाया गया था। 1859 में पुल का निर्माण शुरू किया गया जो 15 अगस्त 1865 में खोला गया।
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