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Prayagraj : जिला प्रशासन के पोर्टल पर दर्ज निजी कोविड अस्पतालों के नंबर बंद, डायवर्ट
Sun, 09 May 2021 01:50 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 09 May 2021 01:50 AM IST
सार
- रैंडम जांच में सामने आई हकीकत, जांच कराने के बाद होगी कार्रवाई
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prayagraj news : एसआरएन में परेशान दिखे तीमारदार।
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
जिला प्रशासन के पोर्टल पर जारी किए गए कोविड अस्पतालों के नंबर मिलते ही नहीं है। शनिवार को आधा दर्जन अस्पतालों में रैडम जांच की गई तो किसी का मोबाइल नंबर बंद मिला तो कहीं काल डायवर्ट बताया गया। एक अस्पताल का नंबर मिला तो उसने बताया कि बेड खाली है। लेकिन, पहले डेढ़ लाख रुपये जमा करने होंगे। तीन टाइम डॉक्टर आएंगे और बाहर से आने वाली दवा, मेडिकल जांच का पैसा अलग से देना होगा।
जिला प्रशासन के पोर्टल की रिपोर्ट के मुताबिक बेली, कालिंदीपुरम से लेकर 13 निजी अस्पतालों में तकबरीबन सवा पांच सौ बेड खाली हैं। इसमें कालिंदीपुरम और बेली अस्पतालों को छोड़ दें तो निजी अस्पतालों में 252 बेड खाली हैं। इसमें 10 वेंटिलेटर, 84 आईसीयू, 14 आईसोलेशन और 144 ऑक्सीजनयुक्त आइसोलेशन के बेड खाली हैं। सबसे अधिक बेड उत्थान शंभूनाथ रिसर्च इंस्टीट्यूट मेडिकल साइंस एंड हॉस्पिटल में दिखाए गए हैं। यहां आईसीयू के कई बेड छोड़कर तकरीबन सभी बेड खाली बताए जा रहे हैं।
शनिवार को जब इन अस्पातलों में बेड खाली होने की स्थिति के बारे में जानकारी लेनी चाही गई तो अधिकतर के फोन बंद मिले। आशा हॉस्पिटल, मां शारदा, नारायण स्वरूप, प्राची आदि के नंबर बंद मिले। दो हॉस्पिटल के नंबर की काल डायवर्ट बताई जा रही थी। ओझा हॉस्पिटल का फोन उठा तो उन्होंने बताया कि पहले डेढ़ लाख जमा करने होंगे। उसके बाद ही मरीज भर्ती होगा। इसके अलावा तीन टाइम राउंड करने वाले डॉक्टर, पैथालॉजी जांच की फीस अलग से देनी होगी। हालांकि, बेड खाली होने की जानकारी अस्पताल की ओर से दी गई। डॉ.ऋषि सहाय ने कहा कि जिन निजी कोविड अस्पतालों के मोबाइल नंबर नहीं मिल रहे हैं या गलत है। जांच कराकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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स्वरूपरानी, रेलवे अस्पताल में बेड खाली
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को आईसीयू से लेकर आइसोलेशन वार्ड तक में बेड खाली थे। कोविड अधीक्षक डॉ.मोहित जैन ने बताया कि शनिवार की शाम तक तकरीबन एक दर्जन वेंटिलेटर, 60 ऑक्सीजन वाले बेड खाली थे। एचडीओ यूनिट में भी एक दर्जन नए मरीजों को जगह मिली। इससे नए मरीजों को भर्ती होने में आने वाली दिक्कत भी नहीं हुई। इसी तरह रेलवे अस्पताल में दो़ दर्जन बेड खाली रहे। इसमें आधा दर्जन बेड आईसीयू के भी शामिल हैं। उधर, कालिंदीपुरम में 483 आइसोलेशन बेड जबकि बेली में वेंटिलेटर वाले 24 और आइसोलेशन के 60 बेड खाली रहे।
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जिला प्रशासन के पोर्टल की रिपोर्ट के मुताबिक बेली, कालिंदीपुरम से लेकर 13 निजी अस्पतालों में तकबरीबन सवा पांच सौ बेड खाली हैं। इसमें कालिंदीपुरम और बेली अस्पतालों को छोड़ दें तो निजी अस्पतालों में 252 बेड खाली हैं। इसमें 10 वेंटिलेटर, 84 आईसीयू, 14 आईसोलेशन और 144 ऑक्सीजनयुक्त आइसोलेशन के बेड खाली हैं। सबसे अधिक बेड उत्थान शंभूनाथ रिसर्च इंस्टीट्यूट मेडिकल साइंस एंड हॉस्पिटल में दिखाए गए हैं। यहां आईसीयू के कई बेड छोड़कर तकरीबन सभी बेड खाली बताए जा रहे हैं।
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शनिवार को जब इन अस्पातलों में बेड खाली होने की स्थिति के बारे में जानकारी लेनी चाही गई तो अधिकतर के फोन बंद मिले। आशा हॉस्पिटल, मां शारदा, नारायण स्वरूप, प्राची आदि के नंबर बंद मिले। दो हॉस्पिटल के नंबर की काल डायवर्ट बताई जा रही थी। ओझा हॉस्पिटल का फोन उठा तो उन्होंने बताया कि पहले डेढ़ लाख जमा करने होंगे। उसके बाद ही मरीज भर्ती होगा। इसके अलावा तीन टाइम राउंड करने वाले डॉक्टर, पैथालॉजी जांच की फीस अलग से देनी होगी। हालांकि, बेड खाली होने की जानकारी अस्पताल की ओर से दी गई। डॉ.ऋषि सहाय ने कहा कि जिन निजी कोविड अस्पतालों के मोबाइल नंबर नहीं मिल रहे हैं या गलत है। जांच कराकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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स्वरूपरानी, रेलवे अस्पताल में बेड खाली
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को आईसीयू से लेकर आइसोलेशन वार्ड तक में बेड खाली थे। कोविड अधीक्षक डॉ.मोहित जैन ने बताया कि शनिवार की शाम तक तकरीबन एक दर्जन वेंटिलेटर, 60 ऑक्सीजन वाले बेड खाली थे। एचडीओ यूनिट में भी एक दर्जन नए मरीजों को जगह मिली। इससे नए मरीजों को भर्ती होने में आने वाली दिक्कत भी नहीं हुई। इसी तरह रेलवे अस्पताल में दो़ दर्जन बेड खाली रहे। इसमें आधा दर्जन बेड आईसीयू के भी शामिल हैं। उधर, कालिंदीपुरम में 483 आइसोलेशन बेड जबकि बेली में वेंटिलेटर वाले 24 और आइसोलेशन के 60 बेड खाली रहे।