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Prayagraj News : जांच की सुस्त रफ्तार, एक माह बाद भी कमेटी की रिपोर्ट का है इंतजार
Mon, 01 Sep 2025 03:38 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 01 Sep 2025 03:38 PM IST
सार
मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद नगर निगम के मार्ग प्रकाश विभाग में भ्रष्टाचार के मामले की जांच ठंडी पड़ गई है। नगर निगम ने तीन अधिकारियों की जांच कमेटी तो बना दी लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट सामने नहीं आई।
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छानबीन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद नगर निगम के मार्ग प्रकाश विभाग में भ्रष्टाचार के मामले की जांच ठंडी पड़ गई है। नगर निगम ने तीन अधिकारियों की जांच कमेटी तो बना दी लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट सामने नहीं आई। अब सवाल उठ रहे हैं कि जब टीम में कोई तकनीकी विशेषज्ञ ही शामिल नहीं है तो जांच कैसे आगे बढ़ेगी।
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अर्थिंग के लिए मानक दर 1200 रुपये प्रति पोल की जगह 12,700 रुपये का भुगतान करने का मामला सामने आने के बाद अमर उजाला ने 29 जुलाई के अंक में खबर प्रकाशित की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने डीएम को जांच का आदेश दिया था। डीएम के आदेश के क्रम में नगर आयुक्त साई तेजा ने 31 जुलाई को अपर नगर आयुक्त राजीव कुमार शुक्ला, अपर नगर आयुक्त अरविंद राय और मुख्य अभियंता सिविल दिनेश चंद्र सचान की एक जांच कमेटी बनाकर एक सप्ताह के अंदर जांच आख्या मांगी थी लेकिन एक माह बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है। इस संबंध में नगर आयुक्त साई तेजा का कहना है कि जांच कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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जांच कमेटी पर उठ रहे सवाल
विद्युत से संबंधित जांच के मामले में सिविल के मुख्य अभियंता को कमेटी में शामिल करने पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में पार्षद आशीष द्विवेदी और कमलेश तिवारी का कहना है कि उक्त मामले की जांच में संबंधित विशेषज्ञ को ही शामिल किया जाना चाहिए। पार्षदों ने जांच किसी अन्य विभाग या तकनीकी विशेषज्ञों से कराने की मांग उठाई है।
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