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Prayagraj News: धमकी के डर से दफ्तर छोड़ने वाले एसई को मिली सुरक्षा
Thu, 25 Jun 2020 08:21 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 25 Jun 2020 08:21 PM IST
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टेंडर विवाद में धमकी की शिकायत पर अधीक्षण अभियंता (गंगापार) आनंद पांडेय को बृहस्पतिवार को सुरक्षा मुहैया कर दी गई। छह दिन बाद सुरक्षा गार्डों के साथ वह दफ्तर पहुंचे और कामकाज शुरू कर दिया। कहा जा रहा है कि पूरा मामला टेंडर पत्रवलियों के निस्तारण में देरी से जुड़ा है। मुख्य अभियंता से शिकायत की गई है कि कुछ टेंडर फाइलें एसई अपनी आलमारी में रख लेते थे। उनमें से एक फाइल गायब भी हो गई है।
इस मामले में कहासुनी के बाद हटाए टेंडर लिपिक ने जहां फाइल एसई की टेबल से ही गायब होने की बात कही है, वहीं एसई ने इस मामले में कंप्यूटर आपरेटर की सेवा समाप्त कर दी है। आरोप है कि कमीशनखोरी की वजह से डेंटर निस्तारण में देरी की जा रही थी। इस वजह से दफ्तर के कर्मचारियों समेत विभागीय ठेकेदार पस्त हो गए थे।
विद्युत वितरण खंड गंगापार वृत्त के अधीक्षण अभियंता आनंद पांडेय के दफ्तर में ठेके को कमीशनखोरी का मामला सामने आने लगा है। विवाद बढ़ने के बाद हटाए गए टेंडर लिपिक अमरदीप सोनकर ने एसई पर हर फाइल में कमीशन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। टेंडर लिपिक ने इसकी शिकायत मुख्य अभियंता ओपी यादव से भी की है।
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इसमें टेंडर लिपिक ने कहा है कि एसई आनंद पांडेय निविदा संबंधी फाइलें निजी कारणों से अपनी आलमारी में रख लेते हैं। 23 फाइलें उन्होंने दो महीने से अधिक समय तक अपनी आलमारी में रखी थीं। इस वजह से उनके निस्तारण में देरी तो हुई ही, विभागीय काम भी पिछड़ गए। टेंडर लिपिक का कहना है कि इसी दौरान अधीक्षण अभियंता की आलमारी से एक टेंडर फाइल गुम भी हो गई।
उधर, विवाद बढ़ने के साथ ही एसई ने टेंडर लिपिक अमरदीप को हटा दिया है। उनके स्थान पर राम सूरत को नया टेंडर लिपिक बनाया गया है। इससे पहले फाइल गायब होने के मामले में कंप्यूटर आपरेटर प्रवीण शुक्ला की सेवा समाप्त कर दी गई है।
कोट
टेंडर लिपिक ने काम अधिक होने का हवाला देते हुए पत्र दिया था। इस आधार पर उनकी जगह दूसरे लिपिक को टेंडर पटल का काम सौंपा गया है। रही बात कमीशन मांगने और फाइलें आलमारी में दबकर रखने संबंधी आरोप की, तो इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। आनंद पांडेय, अधीक्षण अभियंता, गंगापार।
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इस मामले में कहासुनी के बाद हटाए टेंडर लिपिक ने जहां फाइल एसई की टेबल से ही गायब होने की बात कही है, वहीं एसई ने इस मामले में कंप्यूटर आपरेटर की सेवा समाप्त कर दी है। आरोप है कि कमीशनखोरी की वजह से डेंटर निस्तारण में देरी की जा रही थी। इस वजह से दफ्तर के कर्मचारियों समेत विभागीय ठेकेदार पस्त हो गए थे।
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विद्युत वितरण खंड गंगापार वृत्त के अधीक्षण अभियंता आनंद पांडेय के दफ्तर में ठेके को कमीशनखोरी का मामला सामने आने लगा है। विवाद बढ़ने के बाद हटाए गए टेंडर लिपिक अमरदीप सोनकर ने एसई पर हर फाइल में कमीशन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। टेंडर लिपिक ने इसकी शिकायत मुख्य अभियंता ओपी यादव से भी की है।
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इसमें टेंडर लिपिक ने कहा है कि एसई आनंद पांडेय निविदा संबंधी फाइलें निजी कारणों से अपनी आलमारी में रख लेते हैं। 23 फाइलें उन्होंने दो महीने से अधिक समय तक अपनी आलमारी में रखी थीं। इस वजह से उनके निस्तारण में देरी तो हुई ही, विभागीय काम भी पिछड़ गए। टेंडर लिपिक का कहना है कि इसी दौरान अधीक्षण अभियंता की आलमारी से एक टेंडर फाइल गुम भी हो गई।
उधर, विवाद बढ़ने के साथ ही एसई ने टेंडर लिपिक अमरदीप को हटा दिया है। उनके स्थान पर राम सूरत को नया टेंडर लिपिक बनाया गया है। इससे पहले फाइल गायब होने के मामले में कंप्यूटर आपरेटर प्रवीण शुक्ला की सेवा समाप्त कर दी गई है।
कोट
टेंडर लिपिक ने काम अधिक होने का हवाला देते हुए पत्र दिया था। इस आधार पर उनकी जगह दूसरे लिपिक को टेंडर पटल का काम सौंपा गया है। रही बात कमीशन मांगने और फाइलें आलमारी में दबकर रखने संबंधी आरोप की, तो इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। आनंद पांडेय, अधीक्षण अभियंता, गंगापार।