प्रयागराज: 57 घंटे के बाद बातचीत के लिए तैयार हुआ टंकी पर चढ़ा परिवार, संडिला एसडीएम की मामले को सुलझाने की कोशिश
दबंगों से परेशान होकर बेली गांव में पानी की टंकी पर चढ़ा हरदोई का परिवार 57 घंटे के बाद बातचीत के लिए तैयर हुआ है। उससे बातचीत करने के लिए हरदोई के संडिला एसडीएम मनोज कुमार श्रीवास्तव, हरदोई जिला अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष केके सिंह और डीजीसी आशुतोष मिश्रा बातचीत के लिए टंकी पर चढ़े। उम्मीद जताई जा रही है कुछ देर में परिवार टंकी से नीचे उतरने के लिए राजी हो सकता है।
बता दें कि कैंट के बेली गांव स्थित 30 फीट ऊंची पानी की टंकी पर परिवार समेत चढ़े अधिवक्ता व दो अन्य लोग तीसरे दिन सोमवार को भी नीचे नहीं उतरे। वह अपने उत्पीड़न की सीबीआई जांच समेत 13 सूत्रीय मांगों पर अड़े हैं। रविवार शाम को एडीजी, आईजी, डीएम, एसएसपी समेत अन्य अफसर भी पहुंचे लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। प्रशासन की सारी कवायद फेल साबित हुई। एहतियातन प्रशासन ने टंकी के चारों तरफ जाल बिछवा दिया है।
हरदोई निवासी अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह ने अपने तीन परिजनों व दो अन्य लोगों संग शनिवार सुबह छह बजे के करीब उक्त टंकी पर चढ़कर भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। उम्मीद थी कि रात होने पर वह नीचे उतर जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तमाम कोशिशों के बाद भी उन्हें नहीं उतारा जा सका और वह टंकी पर ही चढ़े रहे। सुबह एक बार फिर सीओ व कैंट इंस्पेक्टर ने बातचीत शुरू की। मोबाइल व लाउडहेलर के जरिये उनसे नीचे उतरने की अपील की। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
इस तहर मान-मनौव्वल करते दिन भर का समय बीत गया। रविवार शाम को एडीजी जोन प्रयागराज प्रेमप्रकाश के साथ ही डीएम भानुचंद गोस्वामी व आईजी केपी सिंह समेत अन्य अफसरों ने पहुंचकर भी अधिवक्ता व उनके परिवार से बातचीत की। शासन तक उनकी मांगों को पहुंचाने का आश्वासन दिया लेकिन बात नहीं बनी। अधिवक्ता व उसका परिवार नीचे उतरने को राजी नहीं हुए। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि टंकी पर चढ़े लोगों से लगातार अपील की जा रही है कि वह नीचे उतर आएं। लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हैं। फिलहाल कोशिश यही है कि उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा जा सके।
वीडियो जारी कर बताईं मांगें
टंकी पर चढ़े अधिवक्ता ने वीडियो जारी कर पुलिस प्रशासन को अपनी 13 सूत्रीय मांगें बताई हैं। जिसमें आरोप लगाया गया है कि गांव का ही एक दबंग व उसका दरोगा भाई लगातार उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। इनका लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास भी है। चार साल पहले उसके भाई के गायब किए जाने, फंसाने के लिए घर में बंदर को मारकर दफनाने, जमीन कब्जा किए जाने, मकान ढहाने, हरी फसल जोतने व अन्य मामलों में कार्रवाई नहीं की गई। लगातार शिकायतों के बाद भी डीएम व एसपी ने सुनवाई नहीं की।
यहां तक कि कुछ दिन पहले पड़ोस में रहने वाले दो लोगों को भी दबंगों ने सरेआम पीटा लेकिन इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई न होने पर वह परिवार समेत लखनऊ गया लेकिन सीएम से मुलाकात नहीं हो पाई जिसके बाद वह प्रयागराज आ गया। वीडियो में अधिवक्ता यह भी कहता दिखाई देता है कि उसकी अधिकांश मामलों में सीबीआई जांच की घोषणा हो और बकायदा इसे मीडिया में प्रसारित कराया जाए। तब तक वह नीचे नहीं उतरेंगे। यह भी चेताया कि जबरन उतारे जाने की कोशिश करने पर वह उनके पास मौजूद 20 लीटर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह कर लेंगे।