{"_id":"5efe00d88ebc3e42e827aa12","slug":"prayagraj-news-investigation-of-selected-teachers-started-after-2010","type":"story","status":"publish","title_hn":"2010 के बाद चयनित सभी शिक्षकों की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2010 के बाद चयनित सभी शिक्षकों की जांच शुरू
Thu, 02 Jul 2020 09:14 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 02 Jul 2020 09:14 PM IST
विज्ञापन
teacher
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद शासन स्तर पर प्रदेश के परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में 2010 के बाद चयनित शिक्षकों की जांच शुरू हो गई है। बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से सभी शिक्षकों से तीन दिन के भीतर जरूरी अभिलेख मांगे हैं।
विज्ञापन
अभिलेख देने के साथ शिक्षकों को अपनी ओर से एक शपथ पत्र भी देना होगा, जिसमें किसी प्रकार की गलती पर रिकवरी सहित वेतन की वसूली और एफआईआर कराने की बात कही गई है। जिला स्तर पर एडीम नजूल की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी ने तय किया कि यह पता लगाया जाएगा कि जिन अध्यापकों का नाम चयन सूची में थे, क्या वास्तव में वही शिक्षक वर्तमान समय में काम कर रहें या नहीं।
विज्ञापन
यह भी पता लगाने को कहा गया है कि जिन शिक्षकों का नाम चयन सूची में है, क्या उन्होंने उस पद के लिए आवेदन किया था। इसके लिए उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन करना होगा। दिव्यांगजनों के प्रमाणपत्रों की बारीकी से जांच की जाए। चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों के साथ उनके पैन, आधार के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। बीएसए संजय कुमार कुशवाहा की ओर से जिले के सभी खंड शिक्षाधिकारियों को जारी पत्र में सभी शिक्षकों से शपथ पत्र भी मांगा गया है, जिसका प्रोफार्मा भी उसमें दिया गया है।
विज्ञापन