सीबीआई को चार परीक्षाओं में मिली गड़बड़ी, पीई दर्ज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Updated Wed, 17 Jun 2020 12:32 AM IST
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सीबीआई
सीबीआई - फोटो : ani

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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं की जांच कर ही सीबीआई को आयोग की चार परीक्षाओं में गड़बड़ी के सुबूत मिले हैं। इस आधार पर सीबीआई ने चारों परीक्षाओं के मामले में प्राथमिक जांच (पीई) दर्ज करा ली है और अब हर परीक्षा के लिए अलग से जांच अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी और जांच में तेजी आएगी।
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इसके साथ ही इन परीक्षाओं से जुड़े संदिग्ध अभ्यर्थियों के साथ परीक्षा कराने वाले आयोग के वर्तमान एवं पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी सीबीआई का शिकंजा कसेगा। तीन परीक्षाएं वर्ष 2013 की हैं और एक सीधी भर्ती भी शामिल है। सीबीआई आयोग की उन सभी परीक्षाओं की जांच कर रही है, जिनके रिजल्ट अप्रैल 2012 से मार्च 2017 के बीच जारी किए गए।


इस दौरान आयोजित पीसीएस-2015 और एपीएस-2010 परीक्षा में भी सीबीआई को धांधली के सुबूत मिल चुके हैं और दोनों ही मामले में सीबीआई पहले ही पीई दर्ज कर चुकी है। पीसीएस-2015 के मामले में तो सीबीआई आयोग के अज्ञात अफसरों और बाहरी अजात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर चुकी है।

हालांकि, अब तक सीधे तौर पर किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सीबीआई ने अब चार अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले में पीई दर्ज कर इन परीक्षाओं से जुड़े आयोग के वर्तमान एवं पूर्व अफसरों और कर्मचारियों के दिलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
 
इन परीक्षाओं के मामले में दर्ज की गई है पीई
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सिविल सेवा (पीसीएस जे) -2013, समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) परीक्षा-2013 एवं सम्मिलित राज्य अवर अधीनस्थ सेवा (लोअर सबऑर्डिनेट) परीक्षा-2013 के मामले में पीई दर्ज की है। साथ ही मेडिकल अफसर के पदों पर सीधी भर्ती के लिए हुई परीक्षा के मामले में भी पीई दर्ज की है।

लोअर सबऑर्डिनेट की प्रारंभिक परीक्षा छह अप्रैल 2014 एवं मुख्य परीक्षा दिसंबर 2014 में हुई थी। इंटरव्यू 30 नवंबर 2015 से चार फरवरी 2016 तक आयोजित किया गया था। आरओ/एआरओ-2013 के तहत 505 पदों पर भर्ती हुई थी और अंतिम परिणाम आठ अगस्त 2015 को जारी किया गया था, जबकि मुख्य परीक्षा इससे पहले 19 एवं 20 अक्तूबर 2014 को हुई थी। वहीं, पीसीएस जे-2013 के तहत 125 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया गया था।
 
कई तरह की गड़बडिय़ां आ रही हैं सामने
 सूत्रों का कहना है कि लोअर सबऑर्डिनेट परीक्षा-2013 में सीबीआई को ओएमआर शीट बदले जाने की शिकायत मिली है। शुरुआत जांच में सीबीआई को इस गड़बड़ी से संबंधित सबूत मिले हैं। वहीं, मेडिकल अफसरों की भर्ती के मामले में सीबीआई को शिकायत मिली थी कि अपने चहेतों की भर्ती के लिए आयोग के तत्कालीन अफसरों ने मनमाने तरीके से मेरिट गिरा दी थी और कुछ ऐसे अभ्यर्थियों का भी चयन कर लिया गया था, जिनके पास गैर मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों को सर्टिफिकेट था। वहीं, पीसीएस जे परीक्षा-2013 का रिजल्ट संशोधित किए जाने के मामले में सीबीआई के समक्ष साक्ष्यों सहित धांधली की शिकायत दर्ज कराई गई है। इसके अलावा आरओ/एआारओ परीक्षा-2013 में प्रश्नों के विवाद के क के कारण आयोग के तत्कालीन अफसर एवं सदस्य संदेह के घेरे में हैं। इस मामले में हाईकोर्ट ने आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष को तलब कर लिया था लेकिन बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली गई थी।

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