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Prayagraj News: सालभर में 144 से 20वें नंबर पर कैसे आया प्रयागराज? जानें पूरा प्रोसेस

Fri, 21 Aug 2020 07:50 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 21 Aug 2020 07:50 AM IST
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how prayagraj got 20th cleanest city rank in Swachh Survekshan 2020 nationwide
prayagraj news - फोटो : prayagraj
 स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 की रैंकिंग में संगम नगरी ने बेहतर नतीजे दिए हैं। हाईटेक सफाई व्यवस्था, जलापूर्ति, शौचालय, सीवरेज निस्तारण समेत 32 बिंदुओं पर हुई जांच, परीक्षण में देश भर में प्रयागराज को 20 वां स्थान मिला है। पिछले वर्ष अपना शहर 144 वीं पायदान पर था। वहीं प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में पांच पायदान सुधार हुआ है। इस बार अपने शहर का सूबे में चौथा स्थान है जबकि पिछली बार नौवां था। 
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तीन बार आई टीम ने किया सुविधाओं का भौतिक सत्यापन

शहरी विकास मंत्रालय की ओर से क्वालिटी काउंसिल अथॉरिटी की टीम तीन बार यहां आकर वार्डों में गई। औचक निरीक्षण में सुविधाओं का भौतिक सत्यापन किया। सफाई, कूड़ा निस्तारण, शौचालय रखरखाव, सीवरेज संचालन, एसटीपी का रखरखाव समेत अन्य सुविधाओं का सत्यापन किया। शहरियों से फीडबैक भी लिया गया।
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तीन-तीन माह पर तीन बार हुए इस निरीक्षण में लोगों को जागरूक करने के लिए शहर भर में कराई गई वाल राइटिंग ने सोने में सुहागा कर दिया। आंकड़ों के मुताबिक सर्वाधिक क्षति ऑनलाइन पब्लिक फीडबैक में कमी से हुई। फिलहाल पिछली बार से 124 बेहतर रैंकिंग साबित करती है कि शहर में जन सुविधाएं सुधर रही हैं। सिटीजन फीडबैक में तमाम प्रयास के बाद कुछ कमी रह गई। 
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कंट्रोल कमांड सेंटर से जुड़ा कूड़ा निस्तारण में लगी गाड़ियों का नेटवर्क

स्वच्छ सर्वेंच्छण में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन ने बेहतर परिणाम दिलाए। नगर निगम प्रयागराज कार्यशाला की कूड़ा निस्तारण में लगी सभी गाड़ियों की जीपीएस से निगरानी की जाती है।

इंट्रीगेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर से इसकों जोड़कर कार्यक्षमता परखने को कंट्रोल रूम बनाया गया है। वहीं बसवार में स्थापित कूड़ा संयंत्र भी जीपीएस निगरानी क्षेत्र में हैं। यहां आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। शहर से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 400 एमटी, कूड़ा निस्तारण की वैज्ञानिक विधि कारगर रही। 

पोर्ट स्टेशन और रात की सफाई रंग लाई

शहर के खुले में बने कूड़े अड्डों को आधुनिक रूप देकर वहां पोर्ट स्टेशन बनाए गए हैं। इससे पार्यवरण संरक्षण के साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आसान हो गया है। शहर के अन्य वार्डों में भी पोर्ट स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है।


यही नहीं शहर के प्रमुख बाजार चौक, सिविल लाइंस और कटरा आदि में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था ने रैंकिंग बढ़ाने में साथ दिया। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में संस्था का नामित न होना कुछ बाधक बना पर शहर के 80 वार्डों में तैनात 4500 नियमित, दिहाड़ी सफाई कर्मचारियों का कार्य वितरण मानक के मुताबिक पाया गया। 
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