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Prayagraj News: दावा अधिकरण के लिए सड़क पर उतरे वकील
Fri, 21 Aug 2020 01:16 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 21 Aug 2020 01:16 AM IST
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prayagraj news
- फोटो : prayagraj
संपत्ति क्षति दावा अधिकरण की स्थापना प्रयागराज में न करके लखनऊ और मेरठ में इसकी पीठें बनाए जाने के विरोध में वकीलों ने बृहस्पतिवार को सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। वहीं हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कर इस पूरे मामले से अवगत कराया है।
हाईकोर्ट बार के पूर्व महासचिव अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में दर्जनों वकीलों ने हाईकोर्ट के सामने सड़क पर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि अधिकरण की स्थापना प्रयागराज में ही की जानी चाहिए, क्योंकि यहां हाईकोर्ट की प्रधानपीठ है। वैधानिक व्यवस्था के अनुसार अधिकरण वहीं बनाया जा सकता है, जहां हाईकोर्ट की प्रधानपीठ हो।
प्रदेश सरकार ने ऐसा न करके संविधानिक व्यवस्था और सुप्रीमकोर्ट के आदेश की अनदेखी की है। प्रदर्शन करने वालों में आचार्य राजेश त्रिपाठी, राजीव शुक्ल, संतोष मिश्रा, अनिल तिवारी, धर्मराजपाल, नीरज कुमार ठाकुर, राहुल कुमार पांडेय, मंजेश यादव, विनय सिंह आदि प्रमुख थे।
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वहीं अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि लखनऊ खंडपीठ के अंतर्गत मात्र 13 जिले ही हैं। प्रदेश के शेष सभी जिलों का क्षेत्राधिकार इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधानपीठ के पास है। प्रयागराज धर्म, शिक्षा और न्याय का केंद्र है, इसका राजनीतिक क्षेत्र में भी बड़ा योगदान रहता है। मांग की है कि अधिकरण की मुख्य पीठ प्रयागराज में ही बनाई जाए।
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हाईकोर्ट बार के पूर्व महासचिव अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में दर्जनों वकीलों ने हाईकोर्ट के सामने सड़क पर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि अधिकरण की स्थापना प्रयागराज में ही की जानी चाहिए, क्योंकि यहां हाईकोर्ट की प्रधानपीठ है। वैधानिक व्यवस्था के अनुसार अधिकरण वहीं बनाया जा सकता है, जहां हाईकोर्ट की प्रधानपीठ हो।
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प्रदेश सरकार ने ऐसा न करके संविधानिक व्यवस्था और सुप्रीमकोर्ट के आदेश की अनदेखी की है। प्रदर्शन करने वालों में आचार्य राजेश त्रिपाठी, राजीव शुक्ल, संतोष मिश्रा, अनिल तिवारी, धर्मराजपाल, नीरज कुमार ठाकुर, राहुल कुमार पांडेय, मंजेश यादव, विनय सिंह आदि प्रमुख थे।
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वहीं अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि लखनऊ खंडपीठ के अंतर्गत मात्र 13 जिले ही हैं। प्रदेश के शेष सभी जिलों का क्षेत्राधिकार इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधानपीठ के पास है। प्रयागराज धर्म, शिक्षा और न्याय का केंद्र है, इसका राजनीतिक क्षेत्र में भी बड़ा योगदान रहता है। मांग की है कि अधिकरण की मुख्य पीठ प्रयागराज में ही बनाई जाए।