Prayagraj News : इलेक्ट्रॉनिक गोदाम में लगी आग भीषण आग, महिला बुजुर्ग समेत तीन फंसे, किया गया रेस्क्यू
रामबाग के बैंक ऑफ बड़ौदा की बिल्डिंग में बेसमेंट स्थित इलेक्ट्रॉनिक गोदाम में सोमवार सुबह आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि पहली मंजिल पर रहने वाली बुजुर्ग मकान मालकिन समेत तीन लोग फंस गए। सूचना पर पहुंची अग्निशमन की टीम ने भीतर फंसे हुए लोगों को सीढि़यों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। लेकिन तब तक लाखों के इलेक्ट्रॉनिक सामान जलकर राख हो गया। हादसे में किसी की जनहानि नहीं हुई।
रामबाग में संगम स्काई के नाम से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का गोदाम है। इसी बिल्डिंग में बैंक ऑफ बड़ौदा और पहली मंजिल पर मकान मालिक रहते हैं। दोपहर करीब 11:40 बजे बेसमेंट पर बने गोदाम में अचानक आग लग गई। आग की लपट इतनी अधिक थी कि धुंआ बिल्डिंग के पहली मंजिल तक चला गया। इस दौरान घर में मकान मालकिन सविता रानी अग्रवाल (75), नौकरानी ज्ञानेश्वरी (45) और चंदन (45) फंस गए। सीढि़यों पर पूरा धुआं हुआ था।
सूचना पर एफएसओ राजेश कुमार नैनी व सिविल लाइंस फायर स्टेशन से पांच दमकल गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पहली मंजिल से चीख-पुकार मच रही थी। बिल्डिंग के मुख्य सीढि़याें से अंदर जाने का रास्ता नहीं था। अधिक धुआं होने के चलते टीम ने बाहर से लोहे की सीढ़ी लगाकर सभी को सुरक्षित कमरे से बाहर निकाला। वहीं, करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। आग में लाइट, तार समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जल गए। वहीं, एफएसओ राजेश कुमार ने बताया कि हादसे किसी को जनहानि नहीं हुई है। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
पुराना कटरा में कपड़े की दुकान में आग
दूसरी तरफ पुराना कटरा कचहरी रोड स्थित जगन्नाथ मंदिर के सामने प्रेमदीप इंटरप्राइजेज की दुकान पर रविवार देर-रात 12:40 बजे आग लग गई। दुकान से धुआं उठते देख मामले की जानकारी मालिक और अग्निशमन विभाग को दी गई। दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची और शटर को तोड़कर करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया। अधिवक्ता एसके जायसवाल ने बताया कि यह दुकान उनके छोटे भाई रविंद्र कुमार जायसवाल की है। रोजाना की तरह रविवार रात 10:15 बजे दुकान बंद कर घर चले गए। करीब ढाई घंटे बाद पड़ोसियों ने फोन पर बताया कि दुकान पर आग लगी है। आग में लाखों रुपये के कपड़े जलकर राख हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शी मनीष ने बताया कि अगर दुकान के ऊपर लगे पर्दे व पन्नी नहीं हटाए जाते तो कई दुकान आग की चपेट में आकर जल सकती थी।