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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Prayagraj I How to have a comfortable journey... Population of the district is 70 lakh, e-buses only 50

Prayagraj : कैसे हो आरामदायक सफर... जिले की आबादी 70 लाख, ई-बसें महज 50

Fri, 19 Apr 2024 02:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 19 Apr 2024 02:18 PM IST
सार

लंबे समय से कहा जा रहा है कि शासन द्वारा प्रयागराज को 200 ई-बसें दी जाएंगी, लेकिन यह बसें कब आएंगी, इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। करछना के राम सजीवन पटेल का ही उदाहरण लें। बृहस्पतिवार को हनुमान मंदिर चौराहे के पास वह हाईकोर्ट जाने वाली बस का इंतजार कर रहे थे।

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Prayagraj I How to have a comfortable journey... Population of the district is 70 lakh, e-buses only 50
सिटी बस, प्रयागराज। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सूबे की सर्वाधिक आबादी वाले प्रयागराज जिले की परिवहन व्यवस्था बेहाल है। 70 लाख की आबादी वाले प्रयागराज में लोकल ट्रांसपोर्ट के नाम पर सिर्फ 50 ई-बसें हैं। यह बसें भी महज पांच रूटों पर ही चल रहीं हैं। ऐसे में यहां एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए पिछले लोगों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।

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लंबे समय से कहा जा रहा है कि शासन द्वारा प्रयागराज को 200 ई-बसें दी जाएंगी, लेकिन यह बसें कब आएंगी, इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। करछना के राम सजीवन पटेल का ही उदाहरण लें। बृहस्पतिवार को हनुमान मंदिर चौराहे के पास वह हाईकोर्ट जाने वाली बस का इंतजार कर रहे थे। राम सजीवन ने बताया कि पहले सिटी बसें करछना तक चलतीं थीं। ऐसे में शहर आने में आसानी होती थी, लेकिन बीते एक वर्ष से सिटी बसों की आवाजाही न होने की वजह से टेंपो से उन्हें आना पड़ता है। उसे भी दो बार बदलना पड़ता है। इससे जेब पर भी ज्यादा बोझ पड़ता है।
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इसी तरह लोहगरा से शहर के कटरा बाजार आने वाले रवि केसरवानी ने कहा कि पहले वह आराम से सिटी बस द्वारा लोहगरा से कचहरी तक आसानी से आ जाते थे, लेकिन सिटी बस बंद हो जाने की वजह से अब सीधा साधन नहीं मिल पा रहा। समय भी ज्यादा लगता है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र अनय गुप्ता ने बताया कि सिटी बसों में चढ़ने के लिए भी खासी मशक्कत करनी पड़ती है। क्योंकि वह पीछे से ही फुल होकर आती हैं।

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119 बसों का संचालन बंद होने से बढ़ी दिक्कत

प्रयागराज में जेएनएनयूआरएम योजना के तहत 28 रूटों पर बसों का संचालन होता था, लेकिन फिटनेस प्रमाणपत्र न मिल पाने की वजह से 119 बसें फरवरी 2023 में बंद कर दी गई। इन बसों के माध्यम से शहर से ग्रामीण अंचल का भी संपर्क टूट गया। ऐसे में सारा बोझ अब 50 इलेक्ट्रिक बसों पर ही बढ़ गया है। इन बसों में काफी भीड़ भी रहती है। इनका संचालन भी महज पांच रूट पर हो रहा है। ऐसे में ग्रामीण अंचल से आने वाले लोगों के पास प्राइवेट एवं डग्गामार वाहनों का ही सहारा रह गया है।

पिछले वर्ष हुआ था प्रयागराज को 200 ई-बस देने का निर्णय

पिछले वर्ष ही घोषणा हुई थी कि प्रयागराज को नगर विकास विभाग और पीएम ई-बस योजना से 100-100 बसें मिलनी है। उम्मीद जताई जा रही थी कि फरवरी 24 के बाद चरणवद्ध तरीके से इन बसों का आवंटन शुरू हो जाएगा, लेकिन वित्तीय वर्ष 2024-25 शुरू हो जाने के बाद भी यहां एक भी नई ई बस शासन मुहैया नहीं करा सका है। प्रयागराज सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के निदेशक एमके त्रिवेदी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि प्रयागराज में अगले वर्ष महाकुंभ का आयोजन है। शासन की प्राथमिकता में प्रयागराज है। नगर विकास विभाग को जैसे ही बसें मिलेंगी वह प्रयागराज को आवंटित हो जाएंगी। महाकुंभ के पूर्व 200 नई ई बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।

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