प्रयागराज : कैसे निकलें तैराक जब तरण ताल ही हैं बेहाल
तरणताल में फर्श से लेकर फव्वारा, बोर्ड, बिल्डिंग, वाटर सप्लाई, वाटर फिल्टर सिस्टम आदि को दुरुस्त किया जाना था, लेकिन अभी केवल 45 प्रतिशत काम ही हो सका है। इसमें आरसीसी रॉड और पंपिंग प्लांट का ही काम शामिल है।
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तैराकी को बढ़ावा देने के लिए बने तरण ताल का हाल बेहाल है। तरणताल पिछले दो वर्षों से बंद पड़ा है। इसके जीर्णोद्धार के लिए प्रदेश सरकार से 3.5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई थी, जिसपर 2020 के शुरुआती महीने में काम भी शुरू हो गया था। निर्माण एजेंसी सीएंडडीएस को मार्च 2020 तक ही काम भी पूरा करना था। लेकिन अबतक निर्माण काम पूरा नहीं हो सका है। दूसरी ओर एजेंसी भुगतान में देरी का हवाला दे रही है।
तरणताल में फर्श से लेकर फव्वारा, बोर्ड, बिल्डिंग, वाटर सप्लाई, वाटर फिल्टर सिस्टम आदि को दुरुस्त किया जाना था, लेकिन अभी केवल 45 प्रतिशत काम ही हो सका है। इसमें आरसीसी रॉड और पंपिंग प्लांट का ही काम शामिल है। क्रीड़ा अधिकारी बीमारी के चलते छुट्टी पर हैं। निर्माण एजेंसी से जुडे़ जेई विनेश यादव के मुताबिक, तय समय पर धनराशि नहीं मिल पाती है, जिसकी वजह से इसका कार्य धीमी गति से चल रहा है। अगर शासन स्तर से पूरी रकम हासिल हो जाए तो पूरा निर्माण कार्य जल्द ही पूरा करा दिया जाएगा।
यहां से निकली हैं कई प्रतिभाएं
जार्ज टाउन स्थित तरणताल तकरीबन 35-40 पुराना है। यहां से सैकड़ों बच्चों न सिर्फ तैराकी सीखी है बल्कि यहां से राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताओं तक का सफर भी तय किया है। यहां के कई बच्चों ने तैराकी में सिर्फ अपनी प्रतिभा ही नहीं दिखाई है बल्कि इसी तैराकी के बल पर सरकारी नौकरी भी हासिल की है। यहीं से तैराकी के हुनर सीखकर मोनिका शुक्ला और रिंकी निषाद ने नेशनल लेवल तक का सफर तय किया है। रिंकी इस समय इसी के बल पर स्पोर्ट्स कोटे से आबकारी विभाग में नौकरी कर रही हैं। वहीं रविकुमार निषाद तैराकी के सहारे ही कुशीनगर में नौकरी कर रहे हैं। यहां से नेशनल लेवल तक का सफर तय करने वालों में कृतिका, शिवम, कार्तिके, प्रांशू आदि लोग तैराकी में बड़ी प्रतियोगिताओं तक पहुंचे हैं।
निर्माण कार्य में देरी पर बिफरे थे खेलमंत्री
तरणताल के जीर्णोद्वार के काम में विलंब होने पर सितंबर 2021 में तत्कालीन प्रदेश सरकार के खेल युवा कल्याण राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने भी निर्माण एजेंसी को फटकार लगाई थी। उस समय मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए थे और जल्द ही काम को पूरा करने का निर्देश दिया था लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस रही।
ओलंपिक स्तर का है तरणताल
जार्ज टाउन में बना तरणताल ओलंपिक साइज का है। यहां दो ताल बने हैं एक छोटा और दूसरा बड़ा। छोटा वाला ताल सीखने के लिए है। यह तीन से चार फीट गहरा है। वहीं दूसरा ताल राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं के लिए है। बड़ा ताल 50 मीटर क्षेत्रफल का है। यह छह फीट से लेकर 18 फीट तक गहरा है। यहां पर ड्राइविंग बोर्ड भी है। यह कई साल पुराना है इसलिए इसके जीर्णोद्वार की जरूरत महसूस की जा रही थी, जिसका काम कराया जा रहा है।