फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Prayagraj: Ganguly on Jayanti, "Live and Live" message

प्रयागराजः जयंती पर गूंजा ‘जियो और जीने दो’का संदेश

Thu, 18 Apr 2019 01:14 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 18 Apr 2019 01:14 AM IST
विज्ञापन
जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती बुधवार को श्रद्धा एवं उल्लासपूर्वक मनाई गई। धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई तो विविधतापूर्ण प्रस्तुतियों के अतिरिक्त आर्यिकाओं ने प्रवचन में भगवान महावीर का शांति और अहिंसा का संदेश बांटा। डॉ. पीके भदौरा ने मंदिर जी के शिखर पर ध्वजारोहण और पूर्व उपमहानिरीक्षक डॉ अनिल जैन ने आरती उतारकर रथ को रवाना किया। आरंभ में जैन मंदिर से प्रभातफेरी निकाली गई।
विज्ञापन


जीरो रोड स्थित जैन मंदिर से आरंभ शोभायात्रा चौक, बहादुरगंज., जानसेनगंज. विवेकानंद मार्ग होते हुए जैन मंदिर पहुंचकर पूरी हुई। हाथी, घोड़े तथा लुभावन झांकियों संग जैन विद्यालय के बच्चों की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। रास्ते भर श्रद्धालु झूमते रहे तो महिलाओं की टोली ने भी डांडिया नृत्य कर मुग्ध किया। पूरे रास्ते, ‘जियो और जीने दो’, अहिंसा परमोधर्म:, सत्य अहिंसा का आधार, शाकाहार-शाकाहार का जयघोष किया गया। सिर पर अहिंसा का संदेश लिखी टोपियां लगाकर अहिंसा का संदेश दिया गया।
विज्ञापन


फूलों से सुसज्जित रथ पर भगवान महावीर की प्रतिमा विराजमान थी। बग्घी पर माता-पिता के रूप में अमित जैन, ज्योति जैन, सारथी के रूप में दीपक कुमार जैन, कुबेर के रूप में दिलीप जैन तथा चारों इंद्र के वेेश में केसरिया पहने, मुकुट धारण किए निर्मल जैन, आलोक जैन, अंशु जैन, अखिलेश जैन चले। वापसी पर सुनील कुमार जैन एवं जैन साध्वी की देखरेख में संजय जैन की ओर से प्रथम स्वर्णकलश अभिषेक सहित भगवान महावीर का 108 कलशों से अभिषेक किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाद में जैन साध्वी आर्यिका 105 विकाम्याश्री माताजी ने कहा, भगवान महावीर अहिंसा एवं मानवता के अवतार थे। उनकी शिक्षाओं से संपूर्ण विश्व का कल्याण संभव है। वह मनसा, वाचा, कर्मणा के समर्थक थे। स्वयं हिंसा करना या दूसरों से हिंसा करवाना या हिंसा का समर्थन करना, तीनों ही मनुष्य को पाप का भागीदार बनाते हैं। वह कहते थे, अहिंसा ही परम और मानव का सच्चा धर्म है। शोभायात्रा में आर्यिका 105 विगुंजनश्री माताजी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे। संयोजन राजेश कुमार जैन ने किया। वहीं जैन छात्रावास स्थित जैन मंदिर में भी भगवान महावीर की जयंती मनाई गई।


जयंती पर महिलाओं के बीच बालक वर्धमान का पालना झुलाने की होड़ रही। पालना झुलाने के साथ ही बधाई गीत भी गाया गया। प्राची जैन ने भजनों और जैन विद्यालय के विद्यार्थियों ने अन्य मोहक प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध किया। जैन धर्मशाला परिसर में जुटे श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर के सिद्धांतों का अनुशीलन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed