Prayagraj : यमुना फिर उफान पर, गंगा के जलस्तर में भी वृद्धि, एक बार फिर बाढ़ की आशंका
Prayagraj Flood : प्रयागराज में गंगा और यमुना उफान पर हैं। गंगा से तेज रफ्तार यमुना नदी की है। इससे बाढ़ का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। गंगा और यमुना तीन से चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही हैं। इससे कछारी इलाकों में रहने वालों की मुश्किलें फिर बढ़ने लगी हैं।
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संगमनगरी में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पांचवीं बार संगम तट पर स्थित श्री बड़े हनुमानजी को स्नान कराने के बाद बाढ़ की स्थिति भयावह होती जा रही है। कछारी इलाकों में रहने वालों को एक बार फिर बाढ़ की चिंता सताने लगी है। गंगा और यमुना के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी शुरू हो गई है। आगे भी आसार अच्छे नहीं दिख रहे हैं। ज्यादातर सहायक नदियां भी खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। इसके अलावा पहाड़ों और मध्य प्रदेश में तेज बारिश जारी है। इसकी वजह से आने वाले दो-तीन दिनों तक गंगा और यमुना के जलस्तर में तेज वृद्धि के आसार हैं।
शुक्रवार शाम से गंगा और यमुना का जलस्तर में वृद्धि तेज हो गई। यमुना में प्रतिघंटे चार सेमी से भी अधिक की रफ्तार से पानी बढ़ने लगा। इसका नतीजा रहा कि शनिवार दोपहर 12 बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 82.20 मीटर पहुंच गया। सिंचाई विभाग की दोपहर 12 बजे की रिपोर्ट के अनुसार यमुना का जलस्तर चार सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था।
यही स्थिति गंगा की रही। शुक्रवार देर रात गंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी शुरू हो गई। इसका नतीजा रहा कि शनिवार दोपहर गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 82.24 मीटर दर्ज किया गया। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा के जलस्तर में चार सेमी प्रति घंटे के हिसाब से वृद्धि हो रही है।
खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं सहायक नदियां
बाढ़ कार्य खंड अधिशासी अभियंता कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार रामगंगा नदी डबरी में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। मुश्किल यह कि इसमें आगे भी तेज वृद्धि की चेतावनी जारी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार कानपुर बैराज पर जलस्तर रिकॉर्ड 114.060 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान के ऊपर है। ऐसे में प्रयागराज में भी गंगा के जलस्तर में तेज वृद्धि के आसार हैं।
इसी तरह से इटावा, औरैया, हमीरपुर, बांदा में यमुना नदी उफान पर है और जलस्तर में तेज वृद्धि जारी है। सहायक नदियां बेतवा, केन, चंबल के जलस्तर में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे में यमुना के जलस्तर में भी तेज वृद्धि की चेतावनी जारी की गई है। टोंस नदी भी उफान पर है। इसकी वजह से संगम के बाद पानी तेजी से नहीं निकल पा रहा है। इससे मुसीबत और बढ़ती दिख रही है।
इस खतरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी करने के साथ सभी तैयारियां किए जाने के दावे किए गए हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह की ओर से सभी संबंधित विभागों और अफसरों को पत्र जारी कर तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।