Prayagraj Flood : प्रयागराज के 50 गांव बाढ़ की चपेट में, बाढ़ चौकियां सक्रिया, राहत शिविरों में बढ़ रही भीड़
गंगा और यमुना नदी का जलस्तर इस समय लगातार उतार-चढ़ाव से गुजर रहा है। हालात यह हैं कि कहीं पानी बढ़ रहा है तो कहीं मामूली कमी देखी जा रही है, लेकिन दोनों नदियां अब भी खतरे के निशान से करीब दो मीटर नीचे बह रही हैं।
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गंगा और यमुना नदी का जलस्तर इस समय लगातार उतार-चढ़ाव से गुजर रहा है। हालात यह हैं कि कहीं पानी बढ़ रहा है तो कहीं मामूली कमी देखी जा रही है, लेकिन दोनों नदियां अब भी खतरे के निशान से करीब दो मीटर नीचे बह रही हैं। इसके बावजूद बाढ़ का प्रभाव कई ग्रामीण इलाकों में तेज़ी से फैलता जा रहा है। द्रौपदी घाट के मौर्य बस्ती में डूबने से एक गाय मर गई। पानी में ही उसका शव सड़ रहा हैं। जिसकी बदबू से लोग परेशान हैं।
जिले के सदर, भेजा, फूलपुर और करछना तहसीलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। करीब 50 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, हालांकि प्रशासनिक रिपोर्ट में सिर्फ 27 गांवों को प्रभावित बताया गया है। इन इलाकों में करीब 500 से अधिक घर पानी से घिर चुके हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। डूबीं सड़कें, टूटीं संपर्क की डोर लगभग 18 से अधिक ग्रामीण इलाकों में संपर्क मार्ग जलमग्न हो चुके हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।
ग्रामीण नावों और ऊंचे ट्रैक्टरों के सहारे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन की निगरानी और राहत प्रयास जिला प्रशासन हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी अलर्ट पर हैं। दवाइयों, सूखा राशन और पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है। पशुओं के लिए भी चारा और टीकाकरण की व्यवस्था की जा रही है।
अभी खतरा टला नहीं, सतर्क रहने की अपील मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। प्रशासन ने नदी किनारे और तटवर्ती गांवों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। आपात स्थिति से निपटने के लिए 15 नावें तैनात की गई हैं और 88 बाढ़ चौकियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
शहर के दो राहत केंद्रों पर 150 लोगों ने लिया शरण
ग्रामीण इलाकों में 95 बाढ़ राहत केंद्र स्थापित किए गए है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावितों के लिए शहर में दो राहत केंद्र शुरू किए हैं, जहां अब तक करीब 150 लोगों ने शरण ली है। इसमें कर्नलगंज स्थित एनी बेसेंट बाढ़ राहत शिविर में करीब 135 और कैंटोमेंट स्थित एक मैरेज हॉल के शिविर में 15 लोगों ने शरण लिया है।
बाढ़ प्रभावित गांवों का ब्यौरा
प्रशासन का कहना है कि तहसील करछना के दो गांव भगेंसर, हथसरा, तहसील फूलपुर के तीन गांव ढ़ोकरी उपरहार, बदरा सोनौटी प्रभावित हैं। तहसील मेजा के 12 गांव प्रभावित हैं। महेवा , डेगूरपुर, सोनाई कला , चिलबिला, चरपतला, बकसंड़ी, सिरोखर, तितरी, हड़िया, सिधौली कला, छरियारी, इसौटा तहसील सदर क्षेत्र के दस गांव प्रभावित हैं। इसमें कछार मऊ, सरैया, राजापुर, देवमाफी, असदुल्लापुर, मोहम्मदाबाद ,
बख्तियारा, म्यौराबाद, नकौली, नेवादा आदि प्रमुख हैं। वैसे करीब 150 गांव बाढ़ से प्रभावित बताएं जाते हैं।
बाढ़ से जुड़ा आंकड़ा (अब तक)
- प्रभावित गांव : 50
- प्रशासनिक रूप से मान्य: 27
- डूबे मकान : 500+
- जलमग्न सड़कें: 18 ग्रामीण इलाके
- राहत केंद्र : 95 (2 शहरी, 93 ग्रामीण)
- शरणार्थी : 150
- नावें लगाई गई : 15
- सक्रिय बाढ़ चौकियां : 88