Prayagraj News: एमबीबीएस छात्रा की खुदकुशी का नहीं खुला राज, पुलिस नहीं खुलवा सकी मोबाइल का लॉक
पिता मनोज कुमार श्रीवास्तव व मां शुक्रवार रात में ही शहर पहुंच गए थे। शनिवार को रिश्तेदार व दोनों छोटे भाई भी आ गए। तीन डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के मुताबिक मौत फांसी लगाने से हुई है।
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मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में एमबीबीएस छात्रा श्रुति श्रीवास्तव (23) की खुदकुशी का राज दूसरे दिन भी नहीं खुल सका। एक दिन पहले कुछ दोस्तों पर परेशान करने का आरोप लगाने वाले परिजनों ने कोई शिकायत नहीं की। पोस्टमार्टम के बाद रसूलाबाद घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
पिता मनोज कुमार श्रीवास्तव व मां शुक्रवार रात में ही शहर पहुंच गए थे। शनिवार को रिश्तेदार व दोनों छोटे भाई भी आ गए। तीन डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के मुताबिक मौत फांसी लगाने से हुई है। शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले। डॉक्टरों ने विसरा भी प्रिजर्व कराया है। तीन बजे के करीब परिजन शव लेकर रसूलाबाद घाट पहुंचे जहां अंतिम संस्कार किया गया।
देर शाम तक इस मामले में परिजनों की ओर से पुलिस को कोई शिकायत नहीं की गई थी। एसीपी कर्नलगंज राजेश कुमार यादव ने बताया कि परिजनों की ओर से किसी तरह के आरोप की बात सामने नहीं आई है। न ही उन्होंने कोई शिकायत की है। गौरतलब है कि शुक्रवार देर रात मोर्चरी पहुंचने पर पिता का कहना था कि दो दिन पहले मिलने आने पर बेटी ने कुछ दोस्तों पर परेशान करने का आरोप लगाया था।
पुलिस नहीं खुलवा पाई मोबाइल का लाॅक
मौके पर कोई सुसाइड नोट न मिलने पर यह माना जा रहा था कि छात्रा के मोबाइल में उसकी खुदकुशी का राज हो सकता है। यह पता चल सकता है कि इतना बड़ा कदम उठाने से पहले उसने आखिरी बार किससे बात की थी। हालांकि, पुलिस मोबाइल का लॉक दूसरे दिन भी नहीं खुलवा सकी। जार्जटाउन थानाध्यक्ष राजीव श्रीवास्तव का कहना है कि लॉक खुलवाने की कोशिश करने पर डाटा नष्ट होने का खतरा है। ऐसे में परिजनों से बातचीत करके ही इसे खुलवाया जाएगा।
हॉस्टल में सहमी रहीं छात्राएं
इस घटना का मेडिकल काॅलेज के गर्ल्स हॉस्टल में दूसरे दिन भी असर दिखा। छात्राएं सहमी रहीं। मृतक छात्रा प्रथम तल पर स्थित कमरा नंबर 142 में रहती थी। इस तल पर रहने वाली अन्य छात्राएं सहमी रहीं। फिलहाल छात्राएं भी स्तब्ध हैं कि श्रुति ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
फूट-फूटकर रोए पिता,भाइयों की आंखें भी रहीं नम
बेटी की मौत पर मोर्चरी पर मौजूद पिता मनोज फूट-फूटकर रोते रहे। रिश्तेदार उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश करते लेकिन पिता की हालत देख कर उनकी भी आंखें भर आ रही थीं। उधर, छात्रा के भाई हर्ष व अन्नू की भी आंखें नम रहीं। मां बदहवास थी। बता दें कि छात्रा के पिता नौकरी के सिलसिले में गोसाईगंज, लखनऊ में रहते हैं जबकि परिवार मूल रूप से हेमनपुर बलई, सुल्तानपुर का रहने वाला है।
10 छात्राएं थीं मौके पर मौजूद
जिस वक्त श्रुति के कमरे का दरवाजा तोड़ा गया, वहां 10 छात्राएं मौजूद थीं। पहले ईंट से दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया गया और नहीं टूटने पर हथौड़ी का इस्तेमाल किया गया। यह बात गार्ड दिलीप चौधरी ने पुलिस को बताई है। उसने यह भी बताया है कि उसे घटना की जानकारी तब हुई जब वह शाम 4:45 पर ऊपरी तल पर लाइट जलाने पहुंचा था।
जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच टीम गठित
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस की छात्रा की मौत को लेकर पुलिस ही नहीं बल्कि मेडिकल प्रशासन भी सकते में है। जिसे देखते हुए शनिवार को एमएलएन के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन किया। वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. नीलिमा के नेतृत्व में गठित टीम में डॉ. अमृता चौरसिया, डॉ. अजीत चौरसिया, डॉ. रीना सचान, डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह को शामिल किया गया है।
दो दिन में जांच टीम को अपनी रिपोर्ट प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह को सौंपनी है। पहले दिन जांच टीम ने मृतक छात्रा श्रुति श्रीवास्तव के पिता, हाॅस्टल वार्डन और छात्र-छात्राओं का बयान दर्ज किया। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि जांच में किसी भी पक्ष को नजरअंदाज नही किया जाएगा।