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लोक और सूफी गायन से आनंदित करती रहीं अंकिता

Thu, 05 Dec 2019 01:51 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 05 Dec 2019 01:51 AM IST
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Prayagraj craft mela 2019
Prayagraj craft mela 2019 - फोटो : CITY DESK
राष्ट्रीय शिल्प मेले की चौथी शाम को विविध प्रांतों के लोक कलाकारों ने बांधा समा
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छात्राओं ने मंच पर बखूबी दिखाई नृत्य कार्यशाला में सीखी बिहू की बारीकियां
प्रयागराज। सांस्कृतिक केंद्र के राष्ट्रीय शिल्प मेले की चौथी शाम देशज लोकनृत्यों-लोकगीतों संग शास्त्रीय-उपशास्त्रीय गायन-वादन व नृत्यों के नाम रही। बहुरंगी प्रस्तुतियां के साथ-साथ देश के वैविध्यपूर्ण शिल्पों का अनूठा संगम हाट में आए शहरियों को लुभाता रहा। देश के विविध प्रांतों से आए शिल्पकारों के शिल्पों और स्वादों के संगम के बीच सांस्कृतिक विविधताओं का भी संगम रहा।
हालांकि अबकी गायन, वादन, नृत्य में प्रयागराज की भागीदारी भले ही नाममात्र की रही लेकिन बुधवार को प्रयागराज की डॉ.अंकिता चतुर्वेदी ने अपने सुमधुर गायन से मंत्रमुग्ध करते हुए सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई। ‘जानकीनाथ सहाय करे’ से शुरुआत करके समा बांधने के बाद उन्होंने पहले लोकरंग से जोड़ा और फिर सूफियाना अंदाज में ‘दमादम मस्त कलंदर’ सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं।
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मुक्ताकाशी मंच पर जुटे लोक कलाकारों ने बहुरंगी लोक छवियों के साथ दर्शकों से नाता जोड़ा। राजस्थान की ममता देवी का राजस्थानी लोकगीत गायन, संगीता बर्मन के निर्देशन में कार्यशाला में तैयार ‘बिहू नृत्य’, असम के बोडो समुदाय का पारंपरिक लोकनृत्य ‘बोडो’ की प्रस्तुतियां लोकरंगों से परिचित कराती रहीं।
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दिल्ली की वासवती मिश्रा ने कथक नृत्य की जुगलबंदी से शुरुआत के बाद ठाट, परन, टुकड़े तिहाइया, आमद आदि रूपों के साथ तीन ताल में निबद्ध झपताल में श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित रास की प्रस्तुति प्रभावी रही। थक के सौन्दर्य व शृंगार के साथ-साथ भावाभिनय ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। फिर मणिपुर, राजस्थान, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश व गुजरात के लोकनृत्यों की प्रस्तुतियों ने लोगों को बांधे रखा।

सांस्कृतिक संध्या में आज
सांस्कृतिक केंद्र के मुक्ताकाशी मंच पर बृहस्पतिवार को शाम 5.30 से नलिनी निगम के भजन गायन के बाद ममता देवी का चरी और चकरी लोकनृत्य, फिर युद्धकला पर आधारित गोटीपुआ, बिहू और सिद्धिधमाल की छवियां निखरेंगी।

Prayagraj craft mela 2019

Prayagraj craft mela 2019- फोटो : CITY DESK

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