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प्रयागराजः वकील राजेश श्रीवास्तव की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार
Fri, 17 May 2019 01:23 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 17 May 2019 01:23 AM IST
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rajesh
- फोटो : प्रयागराज
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अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की हत्या के तकरीबन एक साल बाद मुख्य साजिशकर्ता अंजनी श्रीवास्तव उर्फ भइया जी को गिरफ्तार कर लिया गया। शातिर अपराधी अंजनी ने पांच लाख की सुपारी लेकर शूटरों से हत्या को अंजाम दिलवाया था। पुलिस हत्या कराने वाले होटल मालिक प्रदीप जायसवाल समेत समेत सभी शूटरों को गिरफ्तार कर चुकी है।
रामबाग में रहने वाले अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की 10 मई 2018 को मनमोहन पार्क के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में होटल मालिक प्रदीप जायसवाल तथा उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। प्रदीप को तो घटना वाले दिन ही पकड़ लिया गया था लेकिन शूटरों को करीब 15 दिन बाद पकड़ा जा सका। प्रदीप को होटल क्राउन पैलेस में डीजे काम करने वाले घनश्याम वैश्य निवासी महेवा को पुलिस ने पकड़ा तो पूरे मामले का खुलासा हो गया।
दरअसल, प्रदीप ने घनश्याम को पांच लाख रुपये देकर राजेश की हत्या की सुपारी दी थी। घनश्याम ने इसके लिए अपने अपराधी दोस्त झूंसी के अंजनी श्रीवास्तव उर्फ भइया जी से संपर्क किया। शातिर अपराधी अंजनी एक समय छोटा राजन गिरोह के लिए भी काम करता था। अंजनी ने प्रतापगढ़ के जोगापुर के रहने वाले शूटर शमशाद से संपर्क कर राजेश की हत्या के लिए कहा। उसे दो लाख रुपये दिए गए। शमशाद ने अपने साथी रईस और विशाल के साथ मिलकर राजेश की हत्या कर दी। बाकी बचे तीन लाख अंजनी और घनश्याम ने आपस में बांट लिए थे।
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लिस ने 25 मई को घनश्याम के साथ तीनों शूटरों को शमशाद, रईस और विशाल को पकड़ लिया था लेकिन, अंजनी घटना के समय से फरार हुआ तो 15 मई को क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया। एसपी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि अंजनी को सोहबतियाबाग पेट्रोल पंप के पास से पकड़ा गया। उसने स्वीकार किया है कि घनश्याम के कहने पर उसने शूटरों से हत्या कराई। उसे ज्यादा पैसा भी नहीं मिला था। एसपी ने बताया कि फरार अंजनी पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
पल्सर बाइक से खुल गया था पूरा मामला
राजेश की हत्या के बाद कातिल सीधे विकास भवन के पास पहुंचे और वहीं पल्सर बाइक खड़ी कर पैदल भाग निकले। पुलिस को बाइक से ही सबसे बड़ा क्लू मिल गया। बाइक के इंजन नंबर से गाड़ी मालिक का पता चला। उसने बताया कि उसकी बाइक बैंक से चोरी हो गई है। पुलिस ने जांच की। वहां सीसीटीवी लगा था। पुलिस ने जब चोरी वाले दिन की फुटेज निकलवाई तो चोर का पता चल गया। बाइक चोर के माध्यम से पुलिस शूटरों तक पहुंच गई। एक शूटर मिला तो घनश्याम और अंजनी के बारे में पूरी बात पता चल गई। इस तरह मामले का खुलासा हो गया।
यह था पूरा मामला
प्रयागराज। प्रदीप जायसवाल और अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव एक ही मुहल्ले में रहते हैं। एक दूसरे को अच्छी तरह जानते थे। दोनों में विवाद नाले पर अतिक्रमण को लेकर शुरू हुआ। प्रदीप ने होटल बनवाया तो नाले के ऊपर अतिक्रमण कर निर्माण करा दिया। इसके कारण बरसात में नाले का पानी मुहल्ले में भर जाता था। घरों में पानी घुसने के कारण मुहल्ले वालों ने प्रदीप से अतिक्रमण हटाने को कहा तो झगड़ा शुरू हो गया। राजेश ने पूरे मामले में मुहल्ले वालों की अगुवाई की और अतिक्रमण के खिलाफ पीआईएल दाखिल कर दिया। इसी के बाद होटल मालिक प्रदीप जायसवाल ने उन्हें रास्ते से हटाने को निर्णय ले लिया।
राजेश श्रीवास्तव हत्याकांड अब तक पकड़े गए अभियुक्त
1-प्रदीप जायसवाल ( जमानत पर रिहा)
2-घनश्याम ( जमानत पर रिहा)
3-शमशाद (जेल में)
4-मो. रईस (जेल में)
5-विशाल प्रजापति (जेल में)
6-अंजनी श्रीवास्तव (गिरफ्तार)
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रामबाग में रहने वाले अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की 10 मई 2018 को मनमोहन पार्क के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में होटल मालिक प्रदीप जायसवाल तथा उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। प्रदीप को तो घटना वाले दिन ही पकड़ लिया गया था लेकिन शूटरों को करीब 15 दिन बाद पकड़ा जा सका। प्रदीप को होटल क्राउन पैलेस में डीजे काम करने वाले घनश्याम वैश्य निवासी महेवा को पुलिस ने पकड़ा तो पूरे मामले का खुलासा हो गया।
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दरअसल, प्रदीप ने घनश्याम को पांच लाख रुपये देकर राजेश की हत्या की सुपारी दी थी। घनश्याम ने इसके लिए अपने अपराधी दोस्त झूंसी के अंजनी श्रीवास्तव उर्फ भइया जी से संपर्क किया। शातिर अपराधी अंजनी एक समय छोटा राजन गिरोह के लिए भी काम करता था। अंजनी ने प्रतापगढ़ के जोगापुर के रहने वाले शूटर शमशाद से संपर्क कर राजेश की हत्या के लिए कहा। उसे दो लाख रुपये दिए गए। शमशाद ने अपने साथी रईस और विशाल के साथ मिलकर राजेश की हत्या कर दी। बाकी बचे तीन लाख अंजनी और घनश्याम ने आपस में बांट लिए थे।
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लिस ने 25 मई को घनश्याम के साथ तीनों शूटरों को शमशाद, रईस और विशाल को पकड़ लिया था लेकिन, अंजनी घटना के समय से फरार हुआ तो 15 मई को क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया। एसपी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि अंजनी को सोहबतियाबाग पेट्रोल पंप के पास से पकड़ा गया। उसने स्वीकार किया है कि घनश्याम के कहने पर उसने शूटरों से हत्या कराई। उसे ज्यादा पैसा भी नहीं मिला था। एसपी ने बताया कि फरार अंजनी पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
पल्सर बाइक से खुल गया था पूरा मामला
राजेश की हत्या के बाद कातिल सीधे विकास भवन के पास पहुंचे और वहीं पल्सर बाइक खड़ी कर पैदल भाग निकले। पुलिस को बाइक से ही सबसे बड़ा क्लू मिल गया। बाइक के इंजन नंबर से गाड़ी मालिक का पता चला। उसने बताया कि उसकी बाइक बैंक से चोरी हो गई है। पुलिस ने जांच की। वहां सीसीटीवी लगा था। पुलिस ने जब चोरी वाले दिन की फुटेज निकलवाई तो चोर का पता चल गया। बाइक चोर के माध्यम से पुलिस शूटरों तक पहुंच गई। एक शूटर मिला तो घनश्याम और अंजनी के बारे में पूरी बात पता चल गई। इस तरह मामले का खुलासा हो गया।
यह था पूरा मामला
प्रयागराज। प्रदीप जायसवाल और अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव एक ही मुहल्ले में रहते हैं। एक दूसरे को अच्छी तरह जानते थे। दोनों में विवाद नाले पर अतिक्रमण को लेकर शुरू हुआ। प्रदीप ने होटल बनवाया तो नाले के ऊपर अतिक्रमण कर निर्माण करा दिया। इसके कारण बरसात में नाले का पानी मुहल्ले में भर जाता था। घरों में पानी घुसने के कारण मुहल्ले वालों ने प्रदीप से अतिक्रमण हटाने को कहा तो झगड़ा शुरू हो गया। राजेश ने पूरे मामले में मुहल्ले वालों की अगुवाई की और अतिक्रमण के खिलाफ पीआईएल दाखिल कर दिया। इसी के बाद होटल मालिक प्रदीप जायसवाल ने उन्हें रास्ते से हटाने को निर्णय ले लिया।
राजेश श्रीवास्तव हत्याकांड अब तक पकड़े गए अभियुक्त
1-प्रदीप जायसवाल ( जमानत पर रिहा)
2-घनश्याम ( जमानत पर रिहा)
3-शमशाद (जेल में)
4-मो. रईस (जेल में)
5-विशाल प्रजापति (जेल में)
6-अंजनी श्रीवास्तव (गिरफ्तार)