प्रयागराज: कंपनी गार्डेन में बीए की छात्रा ने हाथ की नस काटी, लहूलुहान हालत में बेंच पर पड़ी मिली, मां की डांट से थी नाराज
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा कर्नलगंज इलाके में रहती है। उसके पिता एक शैक्षिक संस्थान में कर्मचारी हैं और परिसर में ही बने आवास में परिवार समेत रहते हैं। छात्रा चार बहनों व एक भाई में तीसरे नंबर पर है। मंगलवार सुबह पांच बजे के करीब वह रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर जाने की बात कहकर घर से निकली। कुछ देर बाद वह कंपनी गार्डेन के भीतर स्थित बेंच पर लहूलुहान हालत में बेसुध पड़ी मिली। इस दौरान वहां कटघर निवासी पूर्व पार्षद सतीश केशरवानी भी मौजूद थे। उन्होंने मॉर्निंग वॉक को आए अन्य लोगों की मदद से युवती को तुरंत एसआरएन अस्पताल पहुंचाया और फिर पुलिस को सूचना दी।
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कर्नलगंज में रहने वाली 22 वर्षीय बीए की छात्रा ने कंपनी गार्डेन में हाथ की नस काटकर जान देने का प्रयास किया। मॉर्निंग वॉक को पहुंचे ने उसे लहूलुहान पड़ा देखा तो हड़कंप मच गया। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और समय रहते इलाज शुरू मिलने से उसकी जान बच गई। दोपहर बाद उसे घर भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मां के डांटने से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा कर्नलगंज इलाके में रहती है। उसके पिता एक शैक्षिक संस्थान में कर्मचारी हैं और परिसर में ही बने आवास में परिवार समेत रहते हैं। छात्रा चार बहनों व एक भाई में तीसरे नंबर पर है। मंगलवार सुबह पांच बजे के करीब वह रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर जाने की बात कहकर घर से निकली। कुछ देर बाद वह कंपनी गार्डेन के भीतर स्थित बेंच पर लहूलुहान हालत में बेसुध पड़ी मिली।
इस दौरान वहां कटघर निवासी पूर्व पार्षद सतीश केशरवानी भी मौजूद थे। उन्होंने मॉर्निंग वॉक को आए अन्य लोगों की मदद से युवती को तुरंत एसआरएन अस्पताल पहुंचाया और फिर पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया। जानकारी मिलने पर कुछ देर बाद पुलिस और परिजन भी आ गए। बड़ी बहन ने बताया कि रात में किसी बात को लेकर मां ने छात्रा को डांट दिया था। इसी को लेकर वह नाराज थी। कर्नलगंज पुलिस ने बताया कि हालत में सुधार होने पर दोपहर बाद युवती को घर भेज दिया गया।
देर होती तो बिगड़ जाती हालत
अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि छात्रा को अस्पताल पहुंचाने में देर हो जाती तो उसकी हालत गंभीर हो सकती थी। दरअसल नसें कट जाने से उसकी कलाई से बहुत तेजी से रक्तस्राव हो रहा था। देर होती तो काफी मात्रा में खून बह जाता जिससे मामला गंभीर हो सकता था। परिजनों ने छात्रा को अस्पताल पहुंचाने वाले पूर्व पार्षद व अन्य लोगों का आभार भी जताया।