प्रयागराज : इंदिरा मैराथन में आर्मी का दबदबा, कर्नाटक के एलियप्पा बने विजेता, प्रयागराज के अनिल सिंह उपविजेता (तस्वीरें)
इंदिरा मैराथन में देश भर के एथलीटों ने दमखम दिखया। पुरुष वर्ग में सेना के एथलीटों का दबदबा रहा। पुरुष वर्ग में कर्नाटक निवासी और पुणे में तैनात सेना के जवान एलियप्पा एवी ने जीत दर्ज की। दूसरे स्थान पर प्रयागराज के रहने वाले और कुमाऊं बटालियन में तैनात अनिल कुमार सिंह रहे। तीसरे स्थान पर हिमाचल प्रदेश के रहने वाले और सेना में नायक पद पर तैनात हेतराम ने बाजी मारी।
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अखिल भारतीय प्राइजमनी इंदिरा मैराथन में सेना के धावकों का दबदबा कायम रहा। पुरुष वर्ग में तो प्रथम तीनों स्थान सेना के धावकों के खाते में गए। पुणे में तैनात कर्नाटक के बेलीयप्पा एबी विजेता रहे। वहीं प्रयागराज के अनिल कुमार सिंह दूसरे स्थान पर रहे। सेना में नायक पद पर तैनात हेतराम को तीसरा स्थान मिला।
हेतराम 2019 में हुए इंदिरा मैराथन में भी तीसरा स्थान हासिल किया था। वहीं महिलाओं के वर्ग में गुजरात के पाटण जिले क निरमाबेन भरतजी ठाकुर ने पहला स्थान हासिल किया। मुंबई कस्टम विभाग में तैनात आरती पाटिल दूसरे तथा मिर्जापुर की तामसी सिंह तीसरे स्थान पर रहीं।
कोविड संक्रमण की वजह से पिछले वर्ष इंदिरा मैराथन का आयोजन नहीं हुआ था। यह पहला मौका था जब मैराथन का आयोजन नहीं हुआ था। ऐेसे में एक साल बाद शुक्रवार को होने वाले आयोजन को लेकर खिलाड़ियों तथा शहरियों में खासा उत्साह रहा। मैराथन की शुरुआत सुबह 6.30 बजे आनंद भवन से हुई और 42.195 किमी की दूरी पूरी करने के बाद चंद्रशेखर आजाद पार्क स्थित मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में समाप्त हुई।
खेल राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी ने मैराथन हरी झंडी दिखाई। इसमें देश भर के धावकों ने प्रतिभाग किया। पूरे रूट पर दोनों तरफ लोग मौजूद रहे तथा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते रहे। मैराथन के विजेता रहे बेलीएप्पा एबी के स्टेडियम में प्रवेश करते ही वहां खडे़े खिलाड़ियों तथा आयोजकों ने ताली बजाकर स्वागत किया। बेलीयप्पा ने दो घंटे 20 मिनट 53 सेकेंड में दौड़ पूरी की।
उपविजेता रहे लोकल हीरो अनिल कुमार का भी खिलाड़ियाें ने तालियों से स्वागत किया। अनिल ने दो घंटे 22 मिनट आठ सेकेंड में दौड़ पूरी की। इस तरह से बेलीएप्पा से अनिल सिर्फ एक मिनट 15 पीछे रह गए। वहीं तीसरे स्थान पर रहे हेतराम ने दो घंटे 23 मिनट 12 सेकेंड में दौड़ पूरी की। महिला वर्ग की विजेता निरमाबेन ने दो घंटे 50 मिनट 41 सेकेंड में फिनिश लाइन पार की।
वहीं उपविजेता आरती पटेल ने दो घंटे 55 मिनट 29 सेकेंड तथा तमसी सिंह ने दो घंटे 59 मिनट 59 सेकेंड में दौड़ पूरी करने में सफल रहीं। दिन में करीब एक बजे आयोजित समारोह में खेल राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने विजेताओं को इनामी राशि और प्रमाण पत्र दिए। इस मौके पर खेल निदेशक आरपी सिंह, डीएम संजय कुमार खत्री, उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव पीके श्रीवास्तव, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी अनिल तिवारी, मुख्य कोच रुस्तम खां समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
विजेताओं को मिले दो-दो लाख
0 इंदिरा मैराथन के विजेताओं को दो-दो लाख रुपये दिए गए। वहीं उप विजेताओं को एक-एक लाख तथा तीसरे स्थान पर रहने वाले धावकों को 75-75 हजार रुपये मिले। दोनों ही वर्ग में चौथे से 14वें स्थान तक रहने वाले 11-11 खिलाड़ियों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 10-10 हजार रुपये मिले।
पुरुष वर्ग में प्रथम विजेता रहे वेलीअप्पा जो कि मूल रूप से कर्नाटक कू गुड्डू गांव के निवासी हैं। आर्मी पुणे में कार्यरत हैं। इन्होंने जिंदगी में पहली बार मैराथन में भाग लिया और इंदिरा मैराथन के विजेता बनकर उभरे।
दूसरे स्थान पर प्रयागराज के अनिल कुमार सिंह रहे, जो प्रयागराज आर्मी से संबंधित हैं। वर्तमान में इनकी पोस्टिंग दिल्ली में है। 2019 में दूसरे स्थान पर रहे हैं, जबकि 2021 में अभी दूसरे स्थान पर रहे हैं।
तीसरे स्थान पर रहे हेतराम हिमाचल प्रदेश के निवासी हैं। इनकी पोस्टिंग हिमाचल आर्मी में है। उन्होंने इसके पहले किसी भी मैराथन में भाग नहीं लिया है। इंदिरा राजस्थान में पहली बार भाग लिया तीसरे स्थान पर रहे।
महिला वर्ग में निरिमा भरत ठाकुर ने पहला स्थान हासिल किया जो कि नासिक के मिलिट्री स्कूल में ट्रेनिंग ले रही हैं। पहली ही बार में मारी बाजी।
दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र की आरती पाटिल ने कब्ज़ा किया। वह तीन साल से मैराथन की ट्रेनिंग ले रही हैं और पहली फुल मैराथन दूसरा स्थान हासिल किया है।
तीसरे स्थान पर मिर्ज़ापुर की तामसी सिंह रहीं। वह भी अपने करियर की पहली रेस दौड़ रही थीं पहली ही रेस में उन्हें जीत हासिल हुई।