Prayagraj Airport : एयरपोर्ट टर्मिनल ताक रहा विमानों की राह, एक माह से किसी भी उड़ान का नहीं हुआ संचालन
प्रयागराज से ज्यादा से ज्यादा शहरों के लिए सीधी उड़ान शुरू हो, इसके लिए महाकुंभ के पहले एयरपोर्ट का विस्तार किया गया। 231 करोड़ की लागत से नया टर्मिनल भी बना, लेकिन मेला संपन्न होने के बाद टर्मिनल विमानों की राह ही ताक रहा है।
विस्तार
प्रयागराज से ज्यादा से ज्यादा शहरों के लिए सीधी उड़ान शुरू हो, इसके लिए महाकुंभ के पहले एयरपोर्ट का विस्तार किया गया। 231 करोड़ की लागत से नया टर्मिनल भी बना, लेकिन मेला संपन्न होने के बाद टर्मिनल विमानों की राह ही ताक रहा है। एक माह से नया टर्मिनल बंद है। 28 फरवरी के बाद यहां एक भी विमान की आवाजाही नहीं हो सकी है। महाकुंभ के दौरान हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 5,85,587 पहुंच गई है, लेकिन महाकुंभ संपन्न होते ही यात्रियों और विमानों की संख्या में भारी गिरावट हो गई।
दरअसल महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा के लिए 11 जनवरी से 28 फरवरी तक विभिन्न विमानन कंपनियों ने सेवाएं दी थीं। एयरपोर्ट से करीब 25 शहरों की सीधी कनेक्टिविटी भी हुई। पहले दिन 11 जनवरी को 2,991 यात्रियों ने हवाई सफर किया। इसके बाद यात्रियों की संख्या बढ़ती गई और यह आंकड़ा 27 हजार पार कर गया। अंतिम दिन 28 फरवरी को 10,395 मुसाफिरों ने यात्रा की। इस दौरान पुराने एवं नए टर्मिनल दोनों से ही 24 घंटे विमानों की आवाजाही होती रही, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है।
प्रयागराज से संचालित तमाम विमान एक-एक करके बंद हुए जा रहे हैं। हाल ही में प्रयागराज-लखनऊ उड़ान स्थायी रूप से बंद हुई है। चर्चा है कि आने वाले दिनों में हैदराबाद उड़ान भी बंद हो सकती है। मुंबई और बंगलूरू उड़ान के भी विमानन कंपनी इंडिगो ने फेरे घटा दिए हैं। वर्तमान में एयरपोर्ट पर प्रतिदिन 12 से 14 विमानों की ही आवाजाही हो पा रही है।
फूलपुर सांसद ने लोकसभा में सांसद ने उठाया मामला
फूलपुर से भाजपा सांसद एवं प्रयागराज एयरपोर्ट सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रवीण पटेल ने शुक्रवार को लोकसभा में स्पीकर ओम बिड़ला के समक्ष एयरपोर्ट से विमानों की कम होती संख्या का मुद्दा उठाया। सांसद ने कहा, महाकुंभ के पूर्व ही एयरपोर्ट का विस्तारीकरण हुआ। यहां तमाम यात्री सुविधाएं बढ़ीं। इस वजह से यहां महाकुंभ के दौरान एक-एक दिन में 20 से 25 हजार तक यात्रियों की आवाजाही हुई।
महाकुंभ संपन्न होने के बाद तमाम विमानन कंपनियों ने उड़ानें बंद कर दीं। कहा कि महाकुंभ संपन्न होने के बाद अब भी लाखों श्रद्धालु हर रोज संगम पर डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन विमानन कंपनियों की मनमानी की वजह से तमाम उड़ानें बंद हो चुकी हैं।
पुणे, कोलकाता और देहरादून समेत जिन शहरों की उड़ान बंद हुई है, वहां का ट्रैफिक लोड अच्छा था। बावजूद इसके उड़ानें बंद की गई। अब पांच से छह उड़ान ही संचालित हो रही है।सांसद ने वहां मौजूद उड्डयन मंत्री की ओर मुखातिब होकर आग्रह किया है कि प्रयागराज से संचालित तमाम शहरों के लिए सीधी उड़ान फिर से शुरू की जाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट में कार्गों परिसर का भी निर्माण होना चाहिए।
प्रयागराज से यह उड़ान हो चुकी है बंद
इंडिगो - गोरखपुर, लखनऊ, कोलकात्ता, इंदौर, भोपाल, देहरादून, पुणे
एलाइंस एयर - देहरादून, कोलकाता
जेट एयरवेज - नागपुर, इंदौर, पटना, लखनऊ
(नोट : महाकुंभ के दौरान स्पाइस जेट, एयर इंडिया, स्टार एयर ने भी सेवाएं दीं, जो 28 फरवरी से बंद हो चुकी हैं।)
महाकुंभ के दौरान इन शहरों के लिए थी सीधी उड़ान
जयपुर, अहमदाबाद, इंदौर, जम्मू, चंडीगढ़, गुवाहाटी, कोलकाता, चेन्नई, पुणे, दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, भुवनेश्वर, लखनऊ, रायपुर, बिलासपुर, हैदराबाद, देहरादून आदि।
अब यहां के लिए ही सीधी उड़ान
- हैदराबाद, रायपुर, बंगलूरू, मुंबई, दिल्ली, भुवनेश्वर, बिलासपुर।