Pratapgarh : सरेराह छात्रा को अगवा कर बनाया बंधक, दुष्कर्म के बाद छोड़ा, पुलिस को नहीं लगी भनक
महेशगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली छात्रा 13 अगस्त को फतूहाबाद स्थित स्कूल जाने के लिए घर से निकली। स्कूल में छुट्टी के बाद जब वह समय से घर नहीं पहुंची तो परिजन तलाश करने लगे। इस बीच परिजनों को पता चला कि छात्रा घर पहुंच गई है।
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महिला सशक्तिकरण को लेकर भले ही सख्त कार्रवाई के दावों का ढिंढोरा पीटा जा हो लेकिन हकीकत कुछ और ही नजर आती है। कॉलेज से घर जा रही छात्रा को सरेराह अगवा कर उसे कमरे में बंद कर आरोपी उसकी आबरू लूट लेता है। वह किसी तरह अपने घर भी पहुंच जाती है लेकिन एंटी रोमियो टीम व पुलिस कहीं भी नजर नहीं आती।
महेशगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली छात्रा 13 अगस्त को फतूहाबाद स्थित स्कूल जाने के लिए घर से निकली। स्कूल में छुट्टी के बाद जब वह समय से घर नहीं पहुंची तो परिजन तलाश करने लगे। इस बीच परिजनों को पता चला कि छात्रा घर पहुंच गई है। परिजनों के घर पहुंचने पर छात्रा रोते हुए आपबीती बताने लगी। पहले तो धमकी से परिजन सहमे रहे। यह भी पता चला कि आरोपी युवक ने नहाते समय उसकी अश्लील तस्वीर व वीडियो बना लिया है। जिसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल की भी कोशिश कर चुका है।
आरोपी घटना के बाद पीड़िता को घर तक बाइक से पहुंचाने भी गया। उलहाना लेकर पिता आरोपी के घर पहुंचा। जहां आरोपी ने उसे मारा पीटा और धक्का देकर गिराते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता के पिता ने रविवार को महेशगंज पुलिस को तहरीर दी। घटना पुराना होने का हवाला देते हुए पुलिस मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कही। थानाध्यक्ष महेशगंज श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
पहले भी हो चुकी है छात्राओं के साथ घटनाएं
छात्राओं के साथ पहले भी घटनाएं हो चुकी हैं। रानीगंज थाना क्षेत्र के भैंसौना व संडौरा के बीच दिसंबर 2023 में कोचिंग के लिए निकली छात्रा को कोहरे के बीच कुछ लड़के दुष्कर्म की नियत से घसीट ले गए। लोगों के पहुंचने पर उसकी आबरू लुटने से बच गई। रानीगंज व प्रयागराज की सीमा के बीच नदी के पुल पर भाई के साथ जा रही छात्रा से सरेआम मनचलों ने अश्लील हरकत कर चुके हैं।
स्कूल के समय पर नजर नहीं आती एंटी रोमियो टीम
छात्राओं व महिलाओं की सुरक्षा के लिए मुख्यालय के साथ ही थानों पर एंटी रोमियो टीम बनाई गई है। मगर स्कूल के समय ये दूर -दूर तक नजर नहीं आती। भले ही स्कूल के समय पर मनचलों पर शिकंजा कसने के लिए एंटी रोमियो टीम को निकलने की जिम्मेदारी अफसरों से मिली है। इनकी कार्रवाई भी केवल कागजों में ही नजर आती है।