Prayagraj : हड़ताल से चरमराई बिजली आपूर्ति, 117 में से 18 उपकेंद्र बंद, संविदा कर्मियों से वार्ता विफल
विद्युत कर्मियों की हड़ताल के पहले ही दिन प्रयागराज जिले में बिजली आपूर्ति चरमरा गई। 117 में 18 उपकेंद्र ब्रेकडाउन की वजह से बंद हो गए हैं। इससे शहर के अधिकतर इलाकों में बिजली के साथ पानी की भी आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
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विद्युत कर्मियों की हड़ताल के पहले ही दिन प्रयागराज जिले में बिजली आपूर्ति चरमरा गई। 117 में 18 उपकेंद्र ब्रेकडाउन की वजह से बंद हो गए हैं। इससे शहर के अधिकतर इलाकों में बिजली के साथ पानी की भी आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। 37 फीडरों पर फाल्ट की वजह से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। पुराने शहर में करेली, कसारी मसारी, खुसरोबाग, रामबाग उपकेंद्र के 80 प्रतिशत फीडर बंद होने से लोग दिन भर परेशान रहे।
बिजली विभाग के अधिकारियों के आवासीय परिसर हाईडिल कॉलोनी में भी बिजली सुबह 10 बजे से ही गुल है। यमुनापर और गंगापार में 33 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन में फाल्ट आ गया है। फिलहाल इस हड़ताल से शहर से देहात तक 12-15 लाख की आबादी प्रभावित हुई है। उपकेंद्रों पर पुलिस-पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं। संविदा कर्मियों को काम पर वापस बुलाने के लिए अफसरों ने वार्ता की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
कर्मचारियों की हड़ताल से चरमराई बिजली आपूर्ति
बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल का जिले में व्यापक असर रहा। 4.35 लाख उपभोक्ताओं को बृहस्पतिवार की रात से बिजली की समस्या से जूझना पड़ा। 65 में 50 उपकेंद्रों के फीडर रात 11 बजे से एक-एक कर बंद होते गए। इससे जिले की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। इसका असर रानीगंज, पट्टी, कुंडा, लालगंज तहसील के स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा। जनरेटर का इंतजाम कर ऑपरेशन समेत अन्य कार्य निपटाए जाते रहे। जिला प्रशासन द्वारा विद्युत उपकेंद्रों पर जिन कर्मचारियों को लगाया गया था। वे बंद आपूर्ति को प्रारंभ कराने में नाकाम रहे। शहर के उपकेंद्रों की बिजली गुल हुई, लेकिन जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक आवास की आपूर्ति जारी रही।
पॉवर कॉरपोरेशन के 35 में से 23 उपकेंद्र बंद, दोआबा में बिजली-पानी के लिए हाहाकार
पॉवर कॉरपोरेशन के अधिकारियों-कर्मचारियों की हड़ताल से दोआबा में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। हड़ताल के चलते दूसरे दिन शुक्रवार को 35 में 23 विद्युत उपकेंद्र ठप हो गए हैं। इनमें से कुछ उपकेंद्र तो कर्मचारियों के अभाव में तो कुछ लाइनों में फाल्ट की वजह से बाधित हैं। हड़ताल की वजह से जिले की दो तिहाई आबादी प्रभावित है। विद्युत आपूर्ति बाधित होने से सर्वाधिक समस्या पेयजल की खड़ी हो गई है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचल तक लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। कई सीएचसी और पीएचसी में टॉर्च अथवा मोबाइल की रोशनी में मरीजों का उपचार किया गया। स्वास्थ्य केद्रों में रखी वैक्सीन के खराब होने का डर अलग से है। हालांकि, प्रशासन ने उपकेंद्रों पर मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट लगाए जरूर, लेकिन वह भी कोई राहत नहीं दिला सके।