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पावर कारपोरेशन के टेक्नीशियन भर्ती अभ्यर्थियों को राहत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 11 Nov 2016 01:59 AM IST
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हाईकोर्ट ने पावर कारपोरेशन में आयोजित टेक्नीशियन ग्रेड-दो भर्ती परीक्षा में ऐसे अभ्यर्थियों को राहत दी है, जिनको हाईस्कूल परीक्षा ग्रेस मार्क्स के साथ उत्तीर्ण करने के कारण परीक्षा से बाहर कर दिया गया था। अभ्यर्थियों की विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने आदेश दिया कि शुक्रवार को आयोजित होने वाली परीक्षा से पूर्व अभ्यर्थियों से सभी औपचारिकताएं पूरी कराकर परीक्षा में उन्हें शामिल किया जाए। परीक्षा 11 नवंबर को दोपहर ढाई बजे से होनी है।
कोर्ट ने आदेश दिया कि परीक्षा के बाद इसका परिणाम सीलबंद लिफाफे में अदालत में प्रस्तुत किया जाए। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने बताया कि पावर कारपोरेशन में टेक्नीशियन ग्रेड-2 के 2277 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसके लिए अर्हता हाईस्कूल उत्तीर्ण और आईटीआई डिप्लोमा मांगी गई थी। आवेदन करने के बाद विद्युत सेवा बोर्ड ने कई ऐसे अभ्यर्थियों का आवेदन रद्द कर दिया जिनको हाईस्कूल की परीक्षा में गणित और विज्ञान में ग्रेस मार्क्स मिले थे। आयोग ने इनको उत्तीर्ण की श्रेणी में नहीं माना। एकल पीठ ने भी याचिका खारिज कर दी।
एकलपीठ के आदेश को विशेष अपील में चुनौती दी गई। कहा गया कि जब यूपी बोर्ड ने अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण की मार्कशीट और सार्टीफिकेट दिया है तो उनको उत्तीर्ण नहीं मानने का कोई औचित्य नहीं है। हाईकोर्ट ने दलील स्वीकार करते हुए कहा कि यूपी बोर्ड ने अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण का सार्टीफिकेट जारी किया है इसलिए उनको परीक्षा में शामिल किया जाए। यदि कोई साक्षात्कार होना है तो उसमें भी शामिल किया जाए। मगर इसका परिणाम अभ्यर्थियों को बताने के बजाए 23 नवंबर को अदालत में प्रस्तुत किया जाए।
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कोर्ट ने आदेश दिया कि परीक्षा के बाद इसका परिणाम सीलबंद लिफाफे में अदालत में प्रस्तुत किया जाए। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने बताया कि पावर कारपोरेशन में टेक्नीशियन ग्रेड-2 के 2277 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसके लिए अर्हता हाईस्कूल उत्तीर्ण और आईटीआई डिप्लोमा मांगी गई थी। आवेदन करने के बाद विद्युत सेवा बोर्ड ने कई ऐसे अभ्यर्थियों का आवेदन रद्द कर दिया जिनको हाईस्कूल की परीक्षा में गणित और विज्ञान में ग्रेस मार्क्स मिले थे। आयोग ने इनको उत्तीर्ण की श्रेणी में नहीं माना। एकल पीठ ने भी याचिका खारिज कर दी।
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एकलपीठ के आदेश को विशेष अपील में चुनौती दी गई। कहा गया कि जब यूपी बोर्ड ने अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण की मार्कशीट और सार्टीफिकेट दिया है तो उनको उत्तीर्ण नहीं मानने का कोई औचित्य नहीं है। हाईकोर्ट ने दलील स्वीकार करते हुए कहा कि यूपी बोर्ड ने अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण का सार्टीफिकेट जारी किया है इसलिए उनको परीक्षा में शामिल किया जाए। यदि कोई साक्षात्कार होना है तो उसमें भी शामिल किया जाए। मगर इसका परिणाम अभ्यर्थियों को बताने के बजाए 23 नवंबर को अदालत में प्रस्तुत किया जाए।
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