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छात्रवृत्ति के लिए बना पोर्टल, रुकेगी धांधली
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 19 Jun 2016 02:16 AM IST
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यूजीसी
- फोटो : demo
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लाभार्थियों को छात्रवृत्ति और फेलोशिप के लिए शिक्षण संस्थानों के चक्कर नहीं काटने होंगे। इतना ही नहीं शिक्षण संस्थान की ओर से फर्जी सूची बनाकर छात्रवृत्ति लेने की शिकायतें भी दूर होंगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नई व्यवस्था के अनुसार फेलोशिप और छात्रवृत्ति डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) मोड के तहत सीधे लाभार्थी के खाते में जाएगी। इसे सुनिश्चित करने के लिए आयोग की ओर से वेब पोर्टल बनाया गया है। शिक्षण संस्थानों के लिए एक जुलाई से इस पोर्टल पर पूरी जानकारी देनी होगी। इसके लिए विश्वविद्यालयों को आईडी और पासवर्ड भी दिया गया है।
यूजीसी तथा अन्य संस्थानों की छात्रवृति और फेलोशिप पाने वाले अभ्यर्थियों की कई तरह की शिकायतें रही हैं। इसके अलावा अपात्रों को छात्रवृत्ति देने की बड़ी शिकायतें हैं। फर्जी सूची बनाकर छात्रवृत्ति लेने के खिलाफ कई संस्थान जांच के दायरे में हैं। इन शिकायतों के मद्देनजर डीबीटी मोड के तहत पैसा सीधे खाते में भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत यूजीसी की ओर से बनाए गए वेब पोर्टल पर लाभार्थियों की पूरी जानकारी देनी होगी। इसे संचालित करने के लिए कुलपतियों को ई-मेल आईडी और पासवर्ड दिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत खाता संचालित करने के लिए यूजीसी की ओर से विश्वविद्यालय और कालेजाें के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। यूजीसी ने केंद्रीय, राज्य, डीम्ड आदि विश्वविद्यालयों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रम कराने का निर्णय लिया है। सबसे पहले केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों के लिए 29 जून को दिल्ली में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके बाद अन्य विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम 14 जुलाई तक चलेगा।
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यूजीसी तथा अन्य संस्थानों की छात्रवृति और फेलोशिप पाने वाले अभ्यर्थियों की कई तरह की शिकायतें रही हैं। इसके अलावा अपात्रों को छात्रवृत्ति देने की बड़ी शिकायतें हैं। फर्जी सूची बनाकर छात्रवृत्ति लेने के खिलाफ कई संस्थान जांच के दायरे में हैं। इन शिकायतों के मद्देनजर डीबीटी मोड के तहत पैसा सीधे खाते में भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत यूजीसी की ओर से बनाए गए वेब पोर्टल पर लाभार्थियों की पूरी जानकारी देनी होगी। इसे संचालित करने के लिए कुलपतियों को ई-मेल आईडी और पासवर्ड दिया गया है।
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नई व्यवस्था के तहत खाता संचालित करने के लिए यूजीसी की ओर से विश्वविद्यालय और कालेजाें के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। यूजीसी ने केंद्रीय, राज्य, डीम्ड आदि विश्वविद्यालयों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रम कराने का निर्णय लिया है। सबसे पहले केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों के लिए 29 जून को दिल्ली में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके बाद अन्य विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम 14 जुलाई तक चलेगा।
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