चंद्रमा की तलाश में धूमनगंज से लेकर कौशाम्बी तक दबिश
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नकल माफिया चंद्रमा यादव की तलाश में रविवार को एसटीएफ और पुलिस की टीम ने धूमनगंज से लेकर कौशाम्बी के कई इलाकों में दबिश दी। चंद्रमा तो नहीं मिला, लेकिन पुलिस ने उसके कई रिश्तेदारों को उठाया है ? उनसे चंद्रमा के ठिकाने की बाबत पूछताछ की जा रही है। चंद्रमा के दो मोबाइल नंबर बंद हैं।
यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या वह इस समय कोई और मोबाइल नंबर का प्रयोग कर रहा है। पुलिस की एक टीम ने रविवार को भदोही में मायापती दुबे और उसके सहयोगियों की तलाश की। 69,000 शिक्षक भर्ती मामले में पुलिस ने सरगना केएल पटेल समेत 11 लोगों को जेल भेज दिया है।
अब पुलिस नकल माफिया चंद्रमा यादव और मायापती दुबे को ढूंढ़ रही है। रविवार को एसटीएफ की टीम ने सोरांव पुलिस के साथ धूमनगंज में चंद्रमा के घर और उसके स्कूल में दबिश दी। पुलिस ने स्कूल के कुछ कर्मचारियों से भी पूछताछ की। चंद्रमा के घरवालों से करीबी रिश्तेदारों के नाम पते और मोबाइल नंबर लिए गए।
इसके बाद पुलिस ने पूरामुफ्ती, सरायआकिल और मंझनपुर इलाकों में कई जगह दबिश दी। कई रिश्तेदारों को उठाया गया। उनसे पूछताछ की जा रही है। जेल से छूटने के बाद चंद्रमा की किन लोगों से बात हुई, यह पता लगाने के लिए पुलिस ने चंद्रमा के दोनों मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल्स निकाली है।
जिस दिन गैंग पकड़ा गया था, उस दिन चंद्रमा कहां था। इसके लिए पुलिस ने उसके फोन के टावर की लोकेशन भी निकलवाई है। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक केएल पटेल और ललित त्रिपाठी के बयान से मामले में चंद्रमा यादव की भूमिका साफ-साफ नजर आ रही है। गैंग जो भी पेपर आउट करवाता था, वह चंद्रमा के स्कूल से ही आता था।
चंद्रमा यादव की तलाश में आज कई जगह दबिश दी गई। उसके कई रिश्तेदारों से पूछताछ हुई है। अन्य आरोपियों की तलाश में भी दबिश दी जा रही है। नीरज पांडे एएसपी, एसटीएफ