Prayagraj : पुलिस रही नाकाम...वन स्टॉप सेंटर की सखियों ने 21वें दिन युवती को पिता से मिलाया
खुल्दाबाद स्थित सखी-वन स्टॉप सेंटर की अधीक्षक नीलेशा यादव ने बताया कि 21 नवंबर को कोरांव पुलिस एक अज्ञात युवती को उनके यहां दाखिल कराई थी, जिसका नाम पूजा है। वह अपने नाम के अलावा कुछ नहीं बता पा रही थी। उसके बाद सेंटर की काउंसलर अनामिका काउंसलिंग की कार्यवाही शुरु की।
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कोरांव थाना क्षेत्र में अचेत अवस्था में मिली युवती वन स्टॉप सेंटर की महिला कर्मियों की प्रयास से मंगलवार को 21वें दिन अपने पिता और भाई से मिल सकी। युवती 21 नवंबर को कोरांव पुलिस को मिली थी। न बोलने पाने की वजह से उसकी काउंसलिंग के लिए सखी-वन स्टॉप सेंटर में दाखिल कराया गया था।
खुल्दाबाद स्थित सखी-वन स्टॉप सेंटर की अधीक्षक नीलेशा यादव ने बताया कि 21 नवंबर को कोरांव पुलिस एक अज्ञात युवती को उनके यहां दाखिल कराई थी, जिसका नाम पूजा है। वह अपने नाम के अलावा कुछ नहीं बता पा रही थी। उसके बाद सेंटर की काउंसलर अनामिका काउंसलिंग की कार्यवाही शुरु की। 30 नवंबर को युवती की तबीयत ज्यादा खराब होने की वजह से उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसकी देखभाल के लिए सेंटर की पैरामेडिकल स्टॉफ नर्स रुचि को रखा गया था। उधर इलाज के बाद युवती की हालत में सुधार होने पर काउंसलिंग की कार्यवाही दोबारा शुरु की गई।
निलेशा ने बताया कि इस बीच वह कोरांव पुलिस को युवती के बारे में पता लगाने के लिए कई बार कहा लेकिन वह पूजा के परिजनों के बारे में पता नहीं लगा सके। उसके बाद उनकी तरफ से लगातार काउंसलिंग की प्रक्रिया जारी रखी गई। काफी प्रयास के बाद 19 वें दिन युवती ने अपना पता मध्य प्रदेश के रीवा जिले के लोहाद्वार गांव बताई। इसके बाद उन्होंने वहां की पुलिस के माध्यम से युवती के परिजनों से बात की तो पता चला वहां के क्षेत्रीय थाने में पूजा की करीब 15 दिन से गुमशुदगी दर्ज है।
युवती ने बताया ट्रक से उसे 15 दिन तक किडनैप करके घुमाते रहे
वन स्टॉफ सेंटर की अधीक्षक ने बताया कि युवती के परिजनों के बारे में पता लगने पर वह कोरांव पुलिस को भी इसकी सूचना दीं। उधर, मंगलवार शाम को समय सेंटर पर पूजा के परिजन भी पहुंच गए। रात होने की वजह से उन्हें युवती को नहीं सौंपा गया। बुधवार दोपहर के समय कोरांव पुलिस की मौजूदगी में पूजा को उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
युवती ने बातचीत के दौरान बताया कि कोरांव में मिलने के करीब 15 दिन पहले उसे एक ट्रक में मुह दबाकर किडनैप कर लिया गया था। उसके 15 दिन तक कई जगह पर घुमाते रहे उसके बाद कोरांव क्षेत्र में फेंक कर फरार हो गए। इतना कहने के बाद युवती फफक पड़ी। वहीं युवती के मेडिकल जांच भी कराया गया, जिसमें उसके साथ किसी तरह की जोर जबरदस्ती की बात सामने नहीं आई है।