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सॉल्वर गैंग : पेपर आउट कराने वाले प्रवक्ता को 1.5 साल में नहीं खोज पाई पुलिस

Mon, 19 Feb 2024 05:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 19 Feb 2024 05:07 PM IST
सार

इंटर कॉलेज के इस प्रवक्ता के खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना लगभग 19 माह बीतने के बाद भी नहीं पूरी हो सकी है। झूंसी में सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंधमारी की कोशिश करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया था।

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Police could not find the spokesperson who got the paper out in 1.5 years
सॉल्वर गैंग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झूंसी में दो दिन पहले पकड़े गए सॉल्वर गिरोह को विभिन्न परीक्षाओं के पेपर आउट कराकर उपलब्ध कराने वाले प्रवक्ता को 1.5 साल बाद भी नहीं खोजा जा सका। खुद अपने बयान में सरगना ने उसका नाम लिया था। हाल यह है कि 19 महीने पहले दर्ज मुकदमे की विवेचना अब भी जारी है।

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इंटर कॉलेज के इस प्रवक्ता के खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना लगभग 19 माह बीतने के बाद भी नहीं पूरी हो सकी है। झूंसी में सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंधमारी की कोशिश करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। इस गिरोह का सरगना विजयकांत पटेल को बताया गया, जो अतनपुर बहरिया का रहने वाला है। वह पूर्व में भी प्रतियाेगी परीक्षाओं में सेंधमारी कर चुका है और कुख्यात नकल माफिया केएल पटेल का गुर्गा है।
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जुलाई 2022 में भी उसे राजस्व लेखपाल मुख्य परीक्षा के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों संग फाफामऊ में गिरफ्तार किया गया था। भारी मात्रा में उससे ईयर बड व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुई थी। पूछताछ में उसने यह बयान दिया था कि वह परीक्षाओं में पेपर सॉल्व कराने का ठेका लेता है। यह भी बताया था कि परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उसे कौशांबी स्थित इंटर कॉलेज का प्रवक्ता समर सिंह यादव निवासी फूलपुर उपलब्ध कराता था। इस बयान के आधार मुकदमे में प्रवक्ता को भी नामजद किया गया और उसकी तलाश शुरू की गई।

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हालांकि लगभग 1.5 साल का वक्त बीतने के बाद भी उसे खोजा नहीं जा सका। मुकदमे में नामजद कुल छह लोगों में से विजयकांत समेत तीन के खिलाफ तो चार्जशीट लगा दी गई। लेकिन प्रवक्ता समेत तीन का आज तक कुछ पता नहीं चल पाया और उनके खिलाफ 19 महीने बाद भी विवेचना जारी है।

आईटी एक्ट का मुकदमा होने के कारण विवेचना तत्कालीन सोरांव इंस्पेक्टर को सौंपी गई थी। हालांकि इस बारे में पूछने पर मौजूदा इंस्पेक्टर सतीश कुमार का कहना है कि उन्हें इस मुकदमे की जानकारी नहीं है। उधर, एसीपी थरवई चंद्रपाल सिंह ने कहा कि उन्हें प्रकरण के संबंध में जानकारी नहीं है। सुबह कार्यालय पहुंचने पर ही कुछ बता पाऊंगा।

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