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High Court : अधिवक्ता की चोरी हुई गाड़ी के मामले में पुलिस कमिश्नर से जवाब तलब, पुलिस पर लापरवाही का आरोप
Thu, 13 Aug 2026 01:44 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:44 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुनील चौधरी की वर्ष 2015 में चोरीक हुई गाड़ी के मामले में पुलिस कमिश्नर प्रयागराज से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर जांच की कार्रवाई के परिणाम की जानकारी देने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई के लिए 20 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुनील चौधरी की वर्ष 2015 में चोरीक हुई गाड़ी के मामले में पुलिस कमिश्नर प्रयागराज से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर जांच की कार्रवाई के परिणाम की जानकारी देने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई के लिए 20 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है।
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अधिवक्ता सुनील चौधरी ने वर्ष 2015 में अपनी गाड़ी चोरी होने के बाद थाना शाहगंज, प्रयागराज में एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमे तीन महीने के बाद पुलिस ने एफ आर लगा दिया था । बाद में पुलिस अभिलेखों में उक्त वाहन की बरामदगी थाना दारागंज में दर्शाई गई, लेकिन याची के अनुसार उन्हें वाहन की बरामदगी या उसके संबंध में की गई आगे की कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई और वाहन को नीलाम कर दिया गया। कोरोना काल में ई परिवहन पर गाड़ी ट्रांसफर की जानकारी मिलने पर एडीजी को प्रार्थना पत्र कार्यवाही के लिए दिया।
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मामले को लेकर अधिवक्ता सुनील चौधरी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्वयं व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर याचिका दाखिल की और प्रार्थना की कि चोरी हुई गाड़ी के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा उन्हें वाहन की क्षतिपूर्ति या नई गाड़ी दिलाए जाने के साथ-साथ उचित मुआवजा भी प्रदान किया जाए।
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हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। दाखिल की गई अनुपालन आख्या में तीन पुलिसकर्मियों की लापरवाही पाए जाने का उल्लेख किया गया। हालांकि याची का कहना है कि जांच में लापरवाही पाए जाने के बावजूद उनकी गाड़ी आज तक उन्हें प्राप्त नहीं हुई और न ही उन्हें यह स्पष्ट जानकारी दी गई कि दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय स्तर पर क्या अंतिम कार्रवाई की गई।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया एवम न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ के समक्ष हुई। न्यायालय ने पाया कि पुलिस की ओर से दाखिल अनुपालन हलफनामे के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रयागराज द्वारा नौ मई 2022 को पुलिस मुख्यालय, लखनऊ के अधिकारियों को भेजा गया पत्र संलग्न है, जिसमें मामले के संबंध में रिपोर्ट दी गई है, लेकिन जिला अधिकारियों द्वारा अंतिम रूप से क्या निर्णय लिया गया और कार्यवाही का क्या परिणाम निकला, यह रिकॉर्ड पर स्पष्ट नहीं है।
हाईकोर्ट ने इस स्थिति को देखते हुए पुलिस कमिश्नर, प्रयागराज को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर याची की शिकायत के आधार पर शुरू की गई कार्यवाही के परिणाम की पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने उक्त हलफनामा 20 अगस्त तक दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त टॉप टेन मामलों में निर्धारित की गई है।