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Health : घबराएं नहीं, किसी भी बीमारी में कम हो सकता है प्लेटलेट्स, 15 हजार से नीचे जाने पर चढ़ाना चाहिए ब्लड

Mon, 03 Oct 2022 08:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 03 Oct 2022 08:44 PM IST
सार

सीएमओ डॉ. नानक सरन के मुताबिक मरीज के प्लेटलेट्स 15 हजार से नीचे होने पर ही उसे प्लेटलेट्स चढ़ना चाहिए। तजुर्बेकार चिकित्सक मरीजों में प्लेटलेट्स 15 हजार से कम होने पर ही उसे चढ़ाने की सलाह देते हैं।

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platelets can be reduced in any disease, blood should be given if it goes below 15 thousand
platelets, dengue - फोटो : Demo Pic

विस्तार

डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या ने पिछले 15 दिनों में तेजी से बढ़ी है। मरीजों के बढ़ने के साथ ही जिले में प्लेटलेट्स की मांग भी बढ़ने लगी है। हालत यह है कि 50 हजार प्लेटलेट्स पहुंचते ही निजी अस्पतालों में कई चिकित्सक मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने के लिए मजबूर करने लग रहे हैं, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ ही ऐसे मामले होते है, जिनमें इतने अधिक प्लेटलेट्स होने के पर ही उसे चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। जबकि ज्यादातार मामलों में 15 हजार के नीचे प्लेटलेट्स आने के बाद ही मरीजों को उसे चढ़ाने की जरूरत होती है। 

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सीएमओ डॉ. नानक सरन के मुताबिक मरीज के प्लेटलेट्स 15 हजार से नीचे होने पर ही उसे प्लेटलेट्स चढ़ना चाहिए। तजुर्बेकार चिकित्सक मरीजों में प्लेटलेट्स 15 हजार से कम होने पर ही उसे चढ़ाने की सलाह देते हैं, लेकिन कुछ ऐसे चिकित्सक हैं, जो बिना जानकारी के मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की सलाह देने लगते हैं। भले ही मरीज का प्लेटलेट्स 50 हजार या उससे अधिक हो।
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सीएमओ ने स्पष्ट किया कि 15 हजार से प्लेटलेट्स कम होने पर मरीज के शरीर में उसका प्रभाव दिखने लगता है। इसमें शरीर में चक्कते आदि पड़ने लगते है या उसे ब्लीडिंग होने लगती है। ऐसी स्थिति में मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की सबसे अधिक जरूरत पड़ती है। कहा कि जिन मरीजों के प्लेटलेट्स बढ़कर 50 हजार या उससे अधिक हो जाता है। उनको घर पर ही रहकर इलाज कराना चाहिए। क्योकि कई बार अधिक प्लेटलेट्स चढ़ाने के कारण कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होने लगती है। 

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सवा दो सौ के करीब पहुंचे डेंगू मरीज
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आनंद सिंह के मुताबिक प्लेटलेट्स को लेकर मरीज और उसके तीमारदार को परेशान करना बेहद गलत है। चिकित्सक को भी इस बारे में ध्यान देना चाहिए। जहां तक डेंगू के मरीजों की संख्या की बात करें तो सितंबर से डेंगू मरीजों की शुरूआत हो जाती है। अक्टूबर इसका पीक समय होता है और नवंबर में यह धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है। जिले में डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 224 तक पहुंच गई।


सोमवार को 17 नए मरीजों में एलाइजा जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हुई है। इसमें अशोक नगर, जार्जटाउन, नैनी, कटरा, रामबाग, मुंडेरा, तेलियरगंज, धूमनगंज, राजापुर, कौधियारा, मऊआइमा, कोटवा बनी इलाके शामिल हैं। इन मरीजों में 181 मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि 36 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें सात मरीज घर पर इलाज करा रहे है। शेष मरीजों का इलाज बेली, एसआरएन समेत अन्य निजी अस्पतालों में चल रहा है।

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