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ब्लड बैंक में प्लाज्मा थेरेपी आज से, डोनर भी मिला
Sat, 19 Sep 2020 12:43 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 19 Sep 2020 12:43 AM IST
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Plasma Therapy
- फोटो : पेक्सेल्स
कोविड मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी की शुरुआत शनिवार से इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के ब्लड बैंक में शुरू होने जा रही है। शाम को चार बजे इसका उद्घाटन किया जाएगा। एएमए पदाधिकारियों के मुताबिक उन्हें पहला प्लाज्मा डोनर भी मिल चुका है।
पदाधिकारी डॉ. अनूप चौहान ने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी आईसीएमआर के ट्रायल में बेअसर जरूर हुई है, लेकिन इस थेरेपी को करने के लिए मनाही नहीं है। कुछ लोगों पर इसका सकारात्मक परिणाम भी देखा गया है। वहीं पूर्व पदाधिकारी डॉ. अशोक अग्रवाल ने बताया कि थेरेपी शुरू करने के लिए ड्र्ग कंट्रोलर ऑफ इंडिया की ओर से एएमए को स्वीकृति मिली है। इसे व्यवसायिक तौर पर शुरू किया जाएगा।
बता दें कि आईसीएमआर ने देश के 39 अस्पतालों में 464 मरीजों पर इसका अध्ययन कर इसे बेअसर करार दिया था। आईसीएमआर की वैज्ञानिक डॉ. अर्पणा मुखर्जी ने कहा था कि थेरेपी से मरीज की मौत पर कोई असर नहीं पड़ता है। साथ ही, यह मरीज को गंभीर स्थिति में जाने से बचाने में असफल है। इसके पहले दिल्ली एम्स ने इसे पहले ही 30 मरीजों पर अध्ययन कर बेअसर बताया था। स्थानीय सहायक ड्रग आयुक्त उदयभान सिंह ने कहा कि ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने स्वीकृति दी है, लेकिन किस आधार पर इसकी उनको जानकारी नहीं है।
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पदाधिकारी डॉ. अनूप चौहान ने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी आईसीएमआर के ट्रायल में बेअसर जरूर हुई है, लेकिन इस थेरेपी को करने के लिए मनाही नहीं है। कुछ लोगों पर इसका सकारात्मक परिणाम भी देखा गया है। वहीं पूर्व पदाधिकारी डॉ. अशोक अग्रवाल ने बताया कि थेरेपी शुरू करने के लिए ड्र्ग कंट्रोलर ऑफ इंडिया की ओर से एएमए को स्वीकृति मिली है। इसे व्यवसायिक तौर पर शुरू किया जाएगा।
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बता दें कि आईसीएमआर ने देश के 39 अस्पतालों में 464 मरीजों पर इसका अध्ययन कर इसे बेअसर करार दिया था। आईसीएमआर की वैज्ञानिक डॉ. अर्पणा मुखर्जी ने कहा था कि थेरेपी से मरीज की मौत पर कोई असर नहीं पड़ता है। साथ ही, यह मरीज को गंभीर स्थिति में जाने से बचाने में असफल है। इसके पहले दिल्ली एम्स ने इसे पहले ही 30 मरीजों पर अध्ययन कर बेअसर बताया था। स्थानीय सहायक ड्रग आयुक्त उदयभान सिंह ने कहा कि ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने स्वीकृति दी है, लेकिन किस आधार पर इसकी उनको जानकारी नहीं है।
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