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Prayagraj: नीति बनाने में ही उलझा निगम, सड़क पर घुम रहे आवारा पशु; चुनाव तक टला निर्णय

Wed, 06 Mar 2024 10:50 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 06 Mar 2024 10:50 PM IST
सार

प्रयागराज में आवारा पशुओं तथा भैंसों को सड़क से हटाने की योजना आगे नहीं बढ़ रही है। लोकसभा चुनाव से पहले शासन से निर्देश मिलने की भी उम्मीद नहीं है।

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plan to remove stray animals and buffaloes from roads is limited to mere claims
अलापुर थाने के सामने सड़क पर बैठे आवारा पशु। संवाद

विस्तार

आवारा पशुओं तथा भैंसों को सड़क से हटाने की योजना बस दावों तक सीमित रह गई है। नगर निगम डेयरियों को लेकर नीति बनाने में ही उलझा है और हर प्रमुख मार्ग पर भैंसों का आवागमन जारी है तो गाय और सांड़ भी झुंड में बैठे मिल जाएंगे। मुश्किल यह कि लोकसभा चुनाव से पहले शासन से निर्देश मिलने की भी उम्मीद नहीं है। यानी, नीति पर निर्णय अभी टलता दिख रहा है।

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महाकुंभ से पहले डेयरियों को शहर से बाहर करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए डेयरियों तथा पशुओं के सर्वे कराने के साथ अवैध तरीके से पशु पालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। नगर निगम की ओर से शहर के चारों तरफ कैटल कॉलोनी बनाकर डेयरियों को वहां शिफ्ट करने की योजना बनाई गई।

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इस बाबत नीति बनाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया लेकिन इसके बाद से ही प्रक्रिया ठप हो गई है। शासन से कोई दिशा निर्देश अभी तक नहीं आया है। इसकी वजह से नीति बनाने का काम भी रुक गया है। इसी के साथ कैटल कॉलोनी की कवायद भी फिलहाल रुक गई है।

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वहीं अफसरों का कहना है कि आचार संहिता लागू होने से पहले गाइडलाइन नहीं आती है तो फिर चुनाव बाद ही इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी। ऐसे में महाकुंभ आयोजन से पहले कैटल कॉलोनियों के निर्माण तथा डेयरियों को शहर से बाहर किए जाने की योजना पर भी सवाल उठने लगा है। वहीं पशु कल्याण एवं चिकित्साधिकारी डॉ.विजय अमृत राज का कहना है कि शासन से गाइडलाइन का इंतजार है। गाइडलाइन आते ही नीति तैयार कर आगे प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

13 भैंसों के चालान तथा नीलामी से 1.85 लाख की वसूली

नगर निगम की ओर से भैंसों को छुट्टा छोड़े जाने के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया। पिछले 15 दिनों में ही 11 भैंसों का चालान किया गया तो दो की नीलामी भी की गई। संबंधित पशुपालकों से निगम ने एक लाख 85 हजार 700 रुपये की वसूली की।

महात्मा गांधी पर भैंसों की रोक का असर नहीं

नगर निगम की ओर से महात्मा गांधी मार्ग पर भैंसों के आवागमन को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य मार्गों पर भी भैंसों को छोड़े जाने का समय निर्धारित है लेकिन निगम के किसी भी नियम का पालन होता नहीं दिख रहा। महात्मा गांधी मार्ग पर भैंसों का झुंड लगातार आता-जाता रहता है। पशु कल्याण अधिकारी का कहना है कि महात्मा गांधी मार्ग पर निगरानी के लिए विशेष टीम लगाई गई है। मंगलवार को दो पशु पकड़े भी गए लेकिन इन दावों के बावजूद बुधवार को फिर भैंसों का आवागमन जारी हो गया।

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