फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Physicians discuss clinical establishment

चिकित्सकों ने क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट पर की चर्चा

Sun, 12 Dec 2021 10:48 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 10:48 PM IST
विज्ञापन
Physicians discuss clinical establishment
व्यवहारिक नहीं है क्लीनिक इस्टेब्लिशमेंट एक्ट
विज्ञापन

प्रयागराज। एएमए सभागार में रविवार को आईएमयूपी स्टेट की तीसर स्टेट वर्किंग कमेटी की बैठक हुई। जिसमें क्लीनिक इस्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू करने से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों और जटिलताओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिनियम के लागू होने के पश्चात चिकित्सकों व जनसामान्य को होने वाली समस्याओं पर चर्चा करते हुए आईएमए के हॉस्पिटल बोर्ड के चेयरमैन डॉ. शरद अग्रवाल कहा कि एक्ट को बनाने का काम 2009 में तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने किया।
यूपी विधान सभा में उसे बिना चर्चा के 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने पास कर दिया। जिसका विरोध एएमए की तरफ से पिछले 10 सालों से किया जा रहा है। उसके बावजूद 22 नवंबर 2021 को सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर इसके कार्यान्वयन पर मोहर लगा दी। आईएमयूपी स्टेट की मांग है कि एक्ट में संशोधन कर 50 बिस्तर से नीचे वाले अस्पताल एवं क्लीनिक ों को इस दायरे से बाहर रखा जाए। फायर सेफ्टी, बॉयो मेडिकल वेस्ट व प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र सभी के लिए अनिवार्य हो. इसमें कोई समस्या नहीं है। आपातकालीन स्थिति में प्रत्येक क्लीनिक पर आने वाले गंभीर रोगियों के समुचित उपचार की व्यवस्था करना व उसे उच्चीकृत सेंटर पर भेजने की पूरी जिम्मेदारी उठाने का प्रावधान किसी भी तरह से व्यवहारिक नहीं है।
विज्ञापन

ऐसा करना पूरे विश्व में पालन किए जाने वाले इमरजेंसी केयर के गोल्डेन आवर रूल्स प्रावधानों के विपरीत होगा। इस अवसर पर एक्ट के अन्य प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। सभा का संचालन एएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिल शुक्ला ने किया। स्टेट वर्किंग कमेटी के आर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. आरके एस चौहान तथा आर्गनाइजिंग सचिव डॉ. राजेश मौर्या रहे। इस मौके पर आईएमए केराष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. अशोक राय, एचबीआई के चेयरमैन डॉ. शरद अग्रवाल, आईएमए यूपी के अध्यक्ष डॉ. एमके बंसल, सचिव डॉ. राजीव गोयल समेत अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed